पूर्णिमा के बाद प्रतिपदा का श्राद्ध किया जाता है। जानें क्यों महत्वपूर्ण है यह श्राद्ध तिथि-
जल, चावल, काले तिल, कुशा, केला, सफेद फूल, उड़द, गन्ना, घी, जौ, गुड़, मूंग, तुलसी आदि।