पोला पिठोरा क्या है, क्या करते हैं इस दिन
27 अगस्त 2022, शनिवार को पोला पिठोरा पर्व मनाया जाएगा। आइए जानें इस पर्व के बारे में...
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भाद्रपद माह में आने वाली अमावस्या को पिठोरी या पिथौरी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है।
मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से संतान सुख की प्राप्ति होती है।
पिठोरी अमावस्या का महत्व खुद मां पार्वती ने देवी इंद्राणी को बताया था।
संतान की अच्छी सेहत के लिए महिलाएं ये व्रत रखती हैं।
संतान के अच्छे भविष्य की कामना के लिए ये व्रत किया जाता है।
इस दिन आटे से बनी 64 देवियों की पूजा करने की परंपरा है।
इस अमावस्या का व्रत करने से बच्चे स्वस्थ, बुद्धिमान और बहादुर बनते हैं।
पोला-पिठोरा पर्व मूलत: खेती-किसानी से जुड़ा त्योहार है।
महिलाएं इस त्योहार के वक्त अपने मायके जाती हैं। छोटे बच्चे मिट्टी के बैलों की पूजा करते हैं।
पुत्र इस दिन माता के व्रत के प्रति सम्मान व्यक्त करते हैं।
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