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नाइटराइडर्स के लिए करो या मरो की स्थिति

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पोर्ट एलिजाबेथ (वार्ता) , रविवार, 3 मई 2009 (10:43 IST)
एक और हार कोलकाता नाइटराइडर्स को सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर कर सकती है और ऐसे में जब टीम रविवार को पंजाब किंग्स इलेवन के खिलाफ पोर्ट एलिजाबेथ के मैदान पर उतरेगी तो उसके लिए स्थिति करो या मरो से कम नहीं होगी।

टूर्नामेंट के शुरुआत से ही विवादों का सामना कर रही कोलकाता नाइटराइडर्स के लिए आईपीएल के दूसरे सीजन में अभी तक कुछ भी अच्छा नहीं रहा है और टीम को अब तक खेले गए सात मैचों में से पाँच में हार का मुँह देखना पड़ा है और सिर्फ एक मैच में ही उसे जीत नसीब हुई है। एक मैच में वर्षा के कारण उसे अंक बाँटना पड़ा था।

नाइटराइडर्स के लिए सबसे बड़ी दिक्कत कमजोर कप्तानी की है। मैक्कुलम अपने टीम के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत नहीं बन पा रहे हैं और न ही बल्लेबाजी में अपनी क्षमता के साथ न्याय कर पा रहे हैं।

मुंबई इंडियंस के खिलाफ बल्लेबाजी क्रम बदलने के बावजूद उनके भाग्य का सितारा उनसे रूठा ही रहा। ऑस्ट्रेलिया को दो बार एकदिवसीय विश्वकप दिलाने वाले कोच जॉन बुकानन की बाजीगरी भी इस टीम का भाग्य नहीं बदल पा रही है।

टीम के बल्लेबाज टुकड़ों में प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में क्रिस गेल के राष्ट्रीय टीम वेस्टइंडीज की ओर से खेलने के लिए लौट जाने से बल्लेबाजी में टीम की समस्या और भी विकराल हो जाएगी।

सौरव गांगुली, ब्रेड हॉज, मोर्ने वान विक और रिद्धिमान साहा जैसे बल्लेबाज टीम के लिए कहीं से भी असरदार साबित नहीं हुए हैं।

शुरुआती मैचों में खराब प्रदर्शन के बाद टीम की गेंदबाजी जरूर सुधरी हुई नजर आ रही है और ईशांत शर्मा, अशोक डिंडा और लक्ष्मीरतन शुक्ला अब पहले की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन ये सारे प्रयास जीत के लिए नाकाफी हैं।

वहीं दूसरी तरफ पंजाब की टीम रॉयल चैलेंजर्स के खिलाफ मैच में मिली आठ रनों की संकीर्ण हार के बाद दोबारा जीत के ढर्रे पर लौटने का प्रयास करेगी।

टीम के लिए सबसे सुखद खबर कप्तान युवराज का वापस फार्म में लौटना है, जिन्होंने रॉयल चैलेंजर्स के खिलाफ गेंदबाजी में हैट्रिक लेने के बाद बल्लेबाजी में भी अच्छे हाथ दिखाते हुए शानदार अर्धशतक जमाया था।

बल्लेबाजी को लेकर टीम की समस्या अभी खत्म नहीं हुई है और संगकारा को छोड़ बाकी बल्लेबाज अपनी क्षमता के अनुरूप सही प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। महेला जयवर्धने श्रीलंका की कप्तानी छोडने के बाद भी अपने खराब फार्म से उबर नहीं पाए हैं, तो करण गोयल और साइमन कैटिच भी अपने बल्ले में लगी जंग छुड़ा नहीं पाए हैं।

टीम की गेंदबाजी को लेकर कोई समस्या नहीं है और इरफान पठान और यूसुफ अब्दुल्ला अपनी आग उगलती गेंदों से विपक्षी टीम के बल्लेबाजों को राहत की साँस नहीं लेने दे रहे हैं, तो दूसरी ओर स्पिन विभाग में भी पीयूष चावला और रमेश पोवार बल्लेबाजों की अच्छी खासी परीक्षा ले रहें है।

दोनों ही टीमों के लिए मुकाबला बहुत अहम है, ऐसे में पोर्ट एलिजाबेथ में मैच रोमांचक होने की उम्मीद है।

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