Publish Date: Mon, 06 Apr 2015 (20:23 IST)
Updated Date: Mon, 06 Apr 2015 (20:29 IST)
नई दिल्ली। आईपीएल के उद्घाटन सत्र 2008 की चैम्पियन राजस्थान रॉयल्स टीम का एक अलग ही आकर्षण है। राहुल द्रविड़ जैसे खिलाड़ी के मार्गदर्शन में टीम का जुझारुपन इसे आईपीएल की सभी टीमों से अलग बनाता है। टीम इस साल कई नये प्लेयर्स के साथ मैदान में उतरेगी। आइए जानते हैं रॉयल्स टीम की ताकत और कमजोरियां।
खूबियां और ताकत : टीम की ताकत बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही हैं। स्मिथ सैमसन, जेम्स फॉकनर, आंजिक्य रहाणे जैसे बल्लेबाज तेजी से रन बनाने की ताकत रखते हैं। बिनी की बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही टीम को और सक्षम बनाती है। न्यूजीलैंड के टिम साउदी, जेम्स फॉकनर और भारत के धवन कुलकर्णी की गेंदबाजी टीम को मजबूत बनाएगी।
कमजोरी : राजस्थान रॉयल्स की सबसे बड़ी कमजोरी स्पीनर का ना होना है। अच्छे स्पीनर के अभाव में टीम की गेंदबाजी में असंतुलन पैदा होता है। शेट वॉटसन के प्रदर्शन में निरंतरता न होना टीम के लिए चिंता का सबब है। इसके अलावा ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज कैने रिचर्ड्सन का एकाएक जाना भी टीम को गेंदबाजी पक्ष से कमजोर बनाता है।
स्टार प्लेयर्स
शेन वॉटसन : शेन वॉटसन की तेज और ताबड़-तोड़ पारियां ही उनका परिचय है। वे रॉयल्स के लिए हमेशा एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। कप्तान के रूप में भी उनकी अहम भूमिका रही है।
स्टीव स्मिथ : शांत और स्थिरता के साथ बल्लेबाजी करने वाले स्टीव का पिछले 12 महीनों के दौरान प्रदर्शन देखते ही बनता है। वे अच्छे फॉर्म में हैं। निश्चित ही वे इस साल रॉयल्स टीम के लिए रॉयल प्रदर्शन करेंगे।
जैम्स फॉकनर : बाएं हाथ के गेंदबाज और दाएं हाथ के बल्लेबाज फॉकनर ने 2013 टीम में शामिल हुए थे और आज तक टीम का एक अहम हिस्सा हैं। हाल ही में वर्ल्डकप फाइनल में मैन ऑफ द मैच अवॉर्ड हासिल करने वाले फॉकनर भी अच्छे फॉर्म में हैं। उनकी गेंदबाजी कहर ढा सकती है।
पिछला रिकॉर्ड
2008 : कमजोर मानी जाने के बाद भी शेनवॉर्न की टीम ने लीग के उद्घाटन सत्र के खिताब को ही अपने नाम कर लिया।
2009 : टीम 2009 में खिताब को बचा नहीं पाई। शेन वॉटसन और सोहेल तनवीर जैसे खिलाड़ियों की अनुपस्थिति में टीम का प्रदर्शन भी खराब हुआ।
2010 : टीम की शुरुआत बड़ी धमाकेदार रही, लेकिन कोलकाता नाइटराइडर्स से एक लीग मैच में टीम को हार का सामना करना पड़ा।
2011 : टीम 14 मैचों में से 6 हार गई और टीम का प्रदर्शन बेहद खराब रहा।
2012 : रॉयल्स के लिए यह एक और खराब प्रदर्शन वाला साल रहा। टीम 16 में से केवल 7 मैच ही जीत पाई।
2013 : यह साल टीम के लिए अच्छा नहीं रहा और टीम के कुछ खिलाड़ियों एस श्रीनाथ, अजित चंडिला, और अंकित चव्हान पर मैच फिक्सिंग की छाया तीनों ही खिलाड़ी गिरफ्तार कर लिए गए।
2014 : प्रदर्शन के लिहाज से बीता साल टीम के लिए ठीक-ठाक रहा। टीम ने 14 मैचों में से केवल 7 जीते और पांचवे पायदान पर रही।
संभावना : राजस्थान रॉयल्स के लिए जीत की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। टीम के खेलने और प्रदर्शन की अनिश्चितता उसे ताकतवर और दूसरों से अलग बनाती है। जाहिर है ऐसे में टीम लीग पर कब्जा कर ले, तो कोई आश्चर्य नहीं होगा।
टीम : शेन वॉटसन (कप्तान), स्टुअर्ट बिन्नी, जैम्स फॉकनर, अजिक्य रहाणे, संजु सैमसन (विकेटकीपर), रजत भाटिया, टिम साउदी, धवल कुलकर्णी, अभिषेक नायर, बेन कटिंग, करुण नायर, दीपक हुड्डा, दीशांत याग्निक, विक्रमजीत मलिक, अंकित शर्मा, राहुल तेवतिया, प्रवीण तांबे, क्रिस मॉरिस, दिनेश सालुंके, जॉन देरॉन, प्रदीप साहू, बरिंदर सरून, सागर त्रिवेदी।
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