Publish Date: Mon, 06 Apr 2015 (22:22 IST)
Updated Date: Mon, 06 Apr 2015 (22:28 IST)
नई दिल्ली। 2013 की आईपीएल लीग की चैम्पियन मुंबई इंडियंस एक बेहद लोकप्रिय टीम रही है। लोकप्रियता की बड़ी वजह सचिन तेंदुलकर रहे हैं। टीम दूसरी बार इस खिताब पर कब्जे के लिए आईपीएल के संग्राम में उतरेगी। ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों से सजी इस टीम में जीतने की अच्छी ताकत है, बशर्ते टीम एकजुटता के साथ प्रदर्शन करे। आइए जानते हैं मुंबई इंडियंस की ताकत और कमजोरियां।
ताकत और खूबी : टीम की सबसे बड़ी ताकत भारतीय और विदेशी खिलाड़ियों का मिश्रण है। रोहित शर्मा जैसे ओपनर और आदित्य तारे, अंबाती रायडू, उन्मुक्त चंद जैसे बल्लेबाजों के बीच टीम में मध्यम गति के गेंदबाज जसप्रीत बुमराह भी हैं। नए आक्रामक तेवर के साथ टीम के पास हरभजन सिंह, पार्थिव पटेल विनय कुमार जैसे अनुभवी खिलाड़ी भी हैं।
इसके अलावा कंगारु खिलाड़ियों में जॉश हैजलवुड, वेस्ट इंडीज के कैरियन पोलॉर्ड, बल्लेबाज लेंदी सिमॉन्स, अफ्रीकी गेंदबाज मर्चेंट द लेंजे और आईपीएल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले लसिथ मलिंगा जैसे गेंदबाज भी टीम की ताकत हैं।
कमजोरी : पोलार्ड और कोरे एंडरसन जैसे ऑलराउंडर के बाद भी टीम के पास मजबूत बैटिंग लाइन की कमी है। कप्तान रोहित शर्मा का लगातार नहीं चल पाना टीम की बल्लेबाजी को कमजोर बनाता है। इसके अलावा अंबाती रायडू, उन्मुक्त चंद और आदित्य तारे जैसे नये बल्लेबाज खुदको अभी भी बल्लेबाज के रूप में स्थापित करने में नाकामयाब रहे हैं।
स्टार प्लेयर्स
कोरे एंडरसन : न्यू्जीलैंड के कोरे एंडरसन जैसे बल्लेबाज का पिछला रिकॉर्ड उन्हें टीम की बड़ी ताकत बनाता है। वनडे क्रिकेट में दुनिया में सबसे तेज शतक बनाकर एंडरसन पहले ही अपनी क्षमता दिखा चुके हैं। इसके अलावा उनकी मध्यम गति की गेंदबाजी भी घातक है।
रोहित शर्मा : पिछले सीजन में रोहित भले ही कुछ खास नहीं कर पाएं हों, लेकिन वर्ल्डकप में उनका प्रदर्शन उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला साबित होगा।
लसिथ मलिंगा : मलिंगा शुरू से ही टीम की ताकत रहे हैं। उनकी यॉर्कर विरोधी टीम के बल्लेबाजों के लिए अक्सर चुनौती होती है। 2009 से टीम में शामिल होने वाले मलिंगा ने 83 मैचों में 6.53 के इकॉनॉमी रन रेट से 119 विकेट लिए हैं।
पोंटिंग हैं कोच : टीम की एक और ताकत रिकी पोंटिंग जैसे कोच का होना है। विश्वकप जीतने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान और वनडे क्रिकेट में लंबा सफल कॅरियर रखने वाले पॉन्टिंग टीम अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी ताकत है।
पिछला रिकॉर्ड
2008 : टीम का प्रदर्शन बहुत ही खराब रहा है। 7 मैचों में हार और 7 में जीत के साथ टीम अंक तालिका में भी पिछड़ गई।
2009 : आईपीएल के दूसरे सीजन में टीम का प्रदर्शन औसत ही रहा। कुल 14 मैचों में से टीम केवल 5 ही जीत पाई।
2010 : टीम इस साल फाइनल में पहुंची, लेकिन चेन्नई सुपरकिंग्स से 22 रन से हार गई।
2011 : इस साल टीम का सफर दूसरे क्वार्टर फाइनल तक जाकर खत्म हो गया। टीम रॉयल चेंलजर्स से हार गई।
2012 : इस साल टीम के प्रदर्शन में सुधार आया। 16 लीग मैचों में से 10 जीतने के बाद टीम चेन्नई सुपरकिंग्स से हार गई।
2013 : चेन्नई सुपरकिंग्स को फाइनल में 23 रन से हराकर टीम ने ट्रॉफी पर कब्जा कर लिया।
2014 : पिछले साल टीम अपने खिताब को बचा नहीं पाई और औसत प्रदर्शन से केवल चौथे पायदान पर रही।
संभावना : पिछले कुछ सालों के औसत और खराब प्रदर्शन को टीम इस साल सुधारना चाहेगी।
टीम : रोहित शर्मा (कप्तान), लसिथ मलिंगा, कैरियन पोलार्ड, अंबाती रायडू, हरभजन सिंह, कोरे एंडरसन, आदित्य तारे, जसप्रीत बुमराह, जॉश हैजलवुड, मर्चेंन्टब दी लेंजे, पवन सुयल, श्रेयस गोपाल, लेंड्यी सिमांस, एरॉन फिंच, प्रज्ञान ओझा, मिचेल मैक्लेघन, अभिमन्यु मिथुन, एडन ब्लीशजार्ड, अक्षय वाखरे, नितीश राणा, सिद्धेश लाड, हार्दिक पंड्या, जगदीशा सुचित, उन्मुक्त चंद, विनय कुमार, पार्थिव पटेल। (khabar.ibnlive.in.com से)