Publish Date: Tue, 24 Nov 2015 (20:10 IST)
Updated Date: Tue, 24 Nov 2015 (20:14 IST)
नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ने सौ, पांच सौ और एक हजार रुपए के नोट में दो और सुरक्षा फीचर जोड़े हैं। इन नोटों में नंबर लिखने का तरीका बदला गया है साथ ही दृष्टिहीन भी नोटों की पहचान कर सकें, इसके लिये नोट के सीधी तरफ दाएं और बाएं दोनों ओर मोटी लाइनें खींची गई हैं जिन पर हाथ लगाने से नोट की पहचान की जा सकती है।
भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला (आईआईटीएफ 2015) में हाल नंबर 18 में लगाए गए रिजर्व बैंक के मंडप पर नोटों में जोड़े गए नए फीचर और उनके सुरक्षा मानकों के बारे में आम जनता को जानकारी दी जा रही है और जागरूक किया जा रहा है। नकली नोटों के चलन और बढ़ती धोखाधड़ी के प्रति आम जनता को सतर्क और सजग बनाने के लिए पिछले कुछ सालों से रिजर्व बैंक व्यापार मेले में भाग ले रहा है।
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रिजर्व बैंक मंडप में मौजूद जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि सौं, पांच सौ और एक हजार रुपए के नोट में दो नए सुरक्षा फीचर जोड़े गए हैं। नोट के दोनों कोनों पर नंबर लिखने का तरीका बदला गया है। ये नंबर छोटे आकार से शुरू होकर आकार में बड़े होते चले जाते हैं। नोट के सीधी तरफ दाएं और बाएं छोर पर पहचान के लिए लाइनें खींची गई हैं। दृष्टिहीन व्यक्ति इन लाइनों को उंगलियों से छूकर नोट की पहचान कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि सौ रुपए के नोट पर ऐसी चार लाइनें खींची गई है जबकि पांच सौ रुपए के नोट पर पांच और एक हजार रुपए के नोट पर छ: लाइनें खींची गई हैं। ये लाइनें नोट पर उभरी हुई स्याही से खींची गई है इसलिए छूकर इन्हें महसूस किया जा सकता है। इसके अलावा नोटों में पहले से रखे गए सभी सुरक्षा फीचर यथावत हैं। इनमें नीले-हरे रंग में बदलने वाला गहरा-मोटा सुरक्षा धागा, वाटर मार्क जिसमें गांधीजी की तस्वीर और नोट की संख्या लिखी होती है। भारतीय रिजर्व बैंक और नोट मूल्य उभरी स्याही से लिखा होता है जिसे उंगलियां फेरने से महसूस किया जा सकता है। (भाषा)