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चमका एक का सिक्का, अठन्नी ने चमक खोई...

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one rupee coin
मुंबई। देश में बीते कुछ साल में एक रुपए, दो रुपए, पांच रुपए व दस रुपए जैसे मूल्य वाले विभिन्न सिक्कों का प्रचलन बढ़ा है जबकि अठन्नी यानी 50 पैसे का सिक्के की पूछ कम होती जा रही है। आरटीआई के तहत हासिल की गई जानकारी से यह निष्कर्ष निकला है।
 
इसके अनुसार बाजार में एक रुपए के सिक्कों का हिस्सा बीते पांच साल में 29.10 प्रतिशत (मार्च 2011) से बढ़कर 42.10 प्रतिशत (मार्च 2015) हो गया।
 
आरटीआई कार्यकर्ता सुभाष चंद्र अग्रवाल के सवालों के जवाब में भारतीय रिजर्व बंक ने यह जानकारी दी है।
 
इसके अनुसार मार्च 2011 तक बाजार में कुल मिलाकर एक रुपए वाले 3267.5 करोड़ सिक्के प्रचलन में थे। यह संख्या मार्च 2015 में बढ़कर 4162.7 करोड़ सिक्के हो गई।
 
इसमें यह भी उल्लेख किया गया है कि बाद के वर्षों में 50 पैसे के सिक्के का अधिक प्रचलन नहीं रहा। 2014-15 में कुल सिक्का उत्पादन में 50 पैसे वाले सिक्के का हिस्सा 14.90 प्रतिशत रहा। हालांकि बीते चार साल में 50 पैसे वाले सिक्के का प्रचलन लगभग समान ही रहा है।
 
आंकड़ों के अनुसार देश में प्रचलन में आए कुल सिक्कों में दो रुपए का बड़ा हिस्सा 2014-15 में 27.30 प्रतिशत है। वहीं 10 रुपए के सिक्कों का हिस्सा केवल 2.80 प्रतिशत रहा। (भाषा)

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