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भारतीय कोच, पाक बल्लेबाज, कुछ इन ही कारणों से यंगिस्तान जिम्बाब्वे को नहीं ले रहा हल्के में

हमें फॉलो करें भारतीय कोच, पाक बल्लेबाज, कुछ इन ही कारणों से यंगिस्तान जिम्बाब्वे को नहीं ले रहा हल्के में
, बुधवार, 17 अगस्त 2022 (13:13 IST)
हरारे: युवा प्रतिभाओं से भरपूर भारतीय टीम गुरुवार को एक ऐसी ज़िम्बाब्वे से मुकाबला करने उतरेगी जिसने पिछले कुछ समय में अपेक्षाओं के विपरीत शानदार प्रदर्शन किया है।ज़िम्बाब्वे एक कमज़ोर टीम मानी जाती है, लेकिन इस साल उसने 2016 के बाद पहली बार टी20 विश्व कप के लिये क्वालीफाई किया, और फिर बांग्लादेश को टी20 (2-1) और एकदिवसीय शृंखला (2-1) में पटखनी दी।

जिम्बाब्वे का कोच है भारतीय

बांग्लादेश के खिलाफ खेली गयी शृंखला में ज़िम्बाब्वे को सिकंदर रज़ा और रायन बर्ल जैसे कई मैचविनर मिले। रज़ा ने इस साल खेले गये नौ एकदिवसीय मुकाबलों में दो शतक और दो अर्द्धशतक बनाए हैं। रजा पाकिस्तानी मूल के बल्लेबाज हैं। इस कारण से वह भारत के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन करना चाहेंगे। वहीं जिम्बाब्वे टीम के कोच लालचंद राजपूत है। वह भारतीय टीम को काफी करीब से जानते हैं।लालचंद राजपूत साल 2007 में विश्व विजेता भारतीय टी-20  टीम के मुख्य सदस्य थे।
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युवा भारतीय टीम में कई खिलाड़ी कर रहे हैं वापसी

दूसरी ओर, भारतीय टीम में केएल राहुल लंबे समय बाद वापसी कर रहे हैं और एशिया कप की तैयारी के मद्देनज़र यह शृंखला उनके लिये बेहद महत्वपूर्ण है। वह आखिरी बार मई 2022 में हुए आईपीएल एलिमिनेटर के लिये मैदान पर उतरे थे। शुभमन गिल और शिखर धवन वेस्ट इंडीज़ दौरे पर शानदार प्रदर्शन करते हुए ज़िम्बाब्वे आ रहे हैं जहां वे अपनी फॉर्म को बरकरार रखना चाहेंगे।

भारत अब पूरी तरह से अक्टूबर में होने वाले टी20 विश्व कप की तैयारी में जुट गया है, जो उनके टीम चयन में भी साफ ज़ाहिर है। ज़िम्बाब्वे में होने वाली तीन मैचों की एकदिवसीय शृंखला के लिये भी टीम में कई युवा टी20 विशेषज्ञों को शामिल किया गया है, जो ऑस्ट्रेलिया जाने वाली टीम में जगह बनाने के लिये अपनी दावेदारी पेश करना चाहेंगे।

इन खिलाड़ियों में सबसे पहला नाम दीपक चहर का है जो राहुल की तरह ही चोटिल होकर टीम से बाहर थे। राहुल त्रिपाठी और शाहबाज़ अहमद भी इस शृंखला में अपना अंतरराष्ट्रीय पदार्पण कर सकते हैं। दोनों ही खिलाड़ी आईपीएल में अपना लोहा मनवा चुके हैं और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मिले अवसर को पूरी तरह भुनाना चाहेंगे।
सीरीज़ के तीनों मैच हरारे की पिच पर खेले जाएंगे जो बल्लेबाजों की हितैषी मानी जाती है। भारत ने 2013 से इस मैदान में नौ मैच खेले हैं और सभी में जीत दर्ज की है, हालांकि ज़िम्बाब्वे को इस बार कम आंकना सही नहीं होगा और धवन भी इस बात को स्वीकार चुके हैं।

उपकप्तान धवन ने मंगलवार की संवाददाता सम्मेलन में कहा था, "उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ जीत हासिल की है। वे अच्छा क्रिकेट खेल रहे हैं और यह हमारे लिये अच्छी बात है। हम किसी भी चीज़ को हल्के में नहीं ले सकते।"

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