Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

नीतीश कुमार का बड़ा बयान, कहा- नहीं बनना चाहता था मुख्यमंत्री, दबाव में स्वीकार किया पद

हमें फॉलो करें नीतीश कुमार का बड़ा बयान, कहा- नहीं बनना चाहता था मुख्यमंत्री, दबाव में स्वीकार किया पद
, रविवार, 27 दिसंबर 2020 (23:24 IST)
पटना। बिहार (Bihar) के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने आज एक बार फिर कहा कि उन्हें पद की कोई चाहत नहीं है और उन्होंने सिद्धांतों से न कभी समझौता किया है न आगे करेंगे।

कुमार ने यहां रविवार को जनता दल यूनाइटेड (JDU) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में सांसद आरसीपी सिंह के पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने के बाद कहा कि विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद वे मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नहीं बैठना चाहते थे।
ALSO READ: नीतीश कुमार ने आरसीपी सिंह को बनाया JDU का नया अध्यक्ष
उन्होंने सहयोगी दलों को अपनी इच्छा से अवगत भी करा दिया था, लेकिन उन पर दबाव इतना था कि उन्हें फिर से मुख्यमंत्री के पद की जिम्मेदारी लेनी पड़ी। उन्होंने कहा कि उन्हें पद की कोई चाहत नहीं है। कोई भी मुख्यमंत्री बनता तो इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने अब तक स्वार्थ के लिए नहीं बल्कि सिद्धांत के साथ राजनीति की है। इसके लिए कभी भी किसी तरह का कोई समझौता नहीं किया है और आगे भी नहीं करेंगे।
ALSO READ: केंद्र ने DL, RC और परमिट जैसे मोटर वाहन दस्तावेजों की वैधता 31 मार्च तक बढ़ाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके ऊपर बिहार के विकास और लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है और दूसरी ओर पार्टी का भी विस्तार तेज गति से किए जाने की जरूरत है, लेकिन फिलहाल यह काम तेज गति से नहीं हो पा रहा था इसलिए उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद छोड़ा है।

अब उन्हें बिहार का विकास करने का ज्यादा मौका मिलेगा वहीं आरसीपी सिंह पार्टी के विस्तार और मजबूत करने का काम तेज गति से करेंगे। कुमार ने कहा कि उनकी इच्छा है कि जदयू का विस्तार दूसरे राज्यों में भी हो, इसके लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष दूसरे राज्यों में को भी समय दें। इस दिशा में काफी काम होना चाहिए।
ALSO READ: कांग्रेस के स्थापना दिवस से एक दिन पहले राहुल गांधी विदेश रवाना
उन्होंने कहा कि जदयू सिद्धांत के आधार पर चलने वाली पार्टी है और यह देश की मजबूती के लिए काम करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को सिद्धांत के आधार पर जागरूक किया जाए। समाज में किसी तरह का मतभेद नहीं हो इसका प्रयास वे करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि समाज में नफरत का माहौल बनाया जाता है। सोशल मीडिया के जरिए लोगों को गुमराह किया जा रहा है। वे चाहेंगे कि अच्छी बातें सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों के बीच प्रचारित हो और समाज में किसी तरह का मतभेद नहीं हो।
 
कुमार ने अरुणाचल प्रदेश में जदयू के 6 विधायकों के भाजपा में शामिल कराए जाने की घटना की चर्चा करते हुए कहा कि वहां क्या हुआ सब लोग अच्छी तरह से जान लीजिए, हमारे 6 लोग उन्होंने निकाल लिए लेकिन पार्टी का एक विधायक अभी भी डटा हुआ है। पार्टी की ताकत को समझिए। हमें सिद्धांत के आधार पर ही लोगों के बीच जाना है। (वार्ता)

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

केंद्र ने DL, RC और परमिट जैसे मोटर वाहन दस्तावेजों की वैधता 31 मार्च तक बढ़ाई