Publish Date: Tue, 14 May 2013 (21:42 IST)Updated Date: Tue, 14 May 2013 (21:41 IST)
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नई दिल्ली। बाजार नियामक सेबी ने बहुचर्चित सहारा मामले में उन व्यक्तिगत निवेशकों का पैसा वापस किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिनका सत्यापन वह कर चुका है। यह मामला सहारा द्वारा विभिन्न गैरकानूनी तरीकों से 24,000 करोड़ रुपए की राशि जुटाने से जुड़ा है।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने केवल उन निवेशकों को पैसा लौटाना शुरू किया है, जिनके मामलों में सत्यापन प्रक्रिया के दौरान किसी तरह का दोहराव सामने नहीं आया। बाकी निवेशकों को रिफंड के लिए उच्चतम न्यायालय के आगामी निर्देशों तक इंतजार करना होगा।
न्यायालय इस मामले पर 17 जुलाई को सुनवाई कर सकता है। सहारा ग्रुप ने इस मामले में सेबी के पास 5,120 करोड़ रुपए जमा कराए थे और दावा किया है कि वह अपनी दो कंपनियों के बांडधारकों को 20,000 करोड़ रुपए पहले ही लौटा चुका है। निवेशकों का रिफंड सेबी के पास जमा कराई गई राशि में से किया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार सहारा का दावा है कि उसने उच्चतम न्यायालय के 31 अगस्त 2012 के आदेश से पहले ही सीधे तौर पर रिफंड किए थे। उसके इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी की जानी है। सूत्रों का कहना है कि उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद सहारा ने सेबी को निवेशकों की जो सूचियां सौंपी हैं, उनमें भी अनेक दोहराव व अन्य विसंगतियां देखने को मिली हैं। (भाषा)