Article Yuva %e0%a4%96%e0%a4%ac%e0%a4%b0 %e0%a4%95%e0%a5%80 %e0%a4%85%e0%a4%b8%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%a4 %e0%a4%ac%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%8f%e0%a4%97%e0%a4%be %e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ab%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a4%b0 111070700068_1.htm

Hanuman Chalisa

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

खबर की असलियत बताएगा साफ्टवेयर

Advertiesment
सॉफ्टवेयर
खबरों की दुनिया में खबर की असलियत क्या है? लिखने वाले व्यक्ति ने समस्या के समर्थन में लिखा है या विरोध में या फिर वह कुछ और ही सोचता है यह बताने के लिए अब सॉफ्टवेयर आने वाला है। कई बार चुनावों के समय या सरकार की नीतियों के बारे में समाचार प्रकाशित होते हैं और उन्हें पढ़ने के बाद इस बात का आकलन करना कठिन हो जाता है कि आखिर यह समाचार कहना क्या चाहता है? कोरिया एडवांस इंस्टीट्‌यूट ऑफ साइंस के सोनेल पार्क ने ऐसा सॉफ्टवेयर विकसित किया है, जो किसी भी खबर को पढ़ने के बाद इस बात का आकलन करता है कि खबर के पीछे क्या है।

ऐसे काम करता है सॉफ्टवेयरः सॉफ्टवेयर किसी भी लेख या समाचार में खबर के समर्थन या विरोध में लिखे गए वाक्यों को पढ़ता है और उसकी गिनती लगाता है। सॉफ्टवेयर सकारात्मक और नकारात्मक शब्दों को किस तरह इस्तेमाल किया गया है, उसकी खोज भी करता है। सॉफ्टवेयर ऐसे अलगोरिध पर काम करता है, जो गूगल के पेशरेंक के लिए प्रयुक्त होता है। इसके बाद सॉफ्टवेयर रिलेशनशिप मेप भी बनाता है और खबर के दो पक्षों को बताता है। अगर दो पक्ष साबित नहीं हो पाते तब वह न्यूट्रल बताता है। विशेषज्ञों के अनुसार भविष्य में सर्च इंजन्स और न्यूज के पेजेस में इस तरह के सॉफ्टवेयर की जरूरत होगी, जिससे पढ़ने वाले सही मायने में जान पाएँगे कि खबर में कितना दम है और खबर को एक पक्ष के लिए लिखा गया है कि खबर सभी को ध्यान में रखकर लिखी गई है।

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi