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जिंदगी का इशारा - रॉक ऑन

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उनमें जोश है, जुनून है। एक जज्बा है कि कुछ कर दिखाएँ। इस जज्बे के साथ ही उनमें कला भी है। कला है तो उसे निखारने के लिए रियाज करने की गहरी तमन्ना भी है।

हालाँकि रियाज के लिए उन्हें अब तक कोई स्थायी जगह नहीं मिली है, लेकिन रियाज जारी है। ये पाँच युवाओं की एक छोटी सी टोली है। नाम दिया पंचम। रॉक ऑन,

इनकी उम्र 20 से 23 साल के बीच है और ये गाते-बजाते जिंदगी के इशारे को समझने की कोशिश कर रहे हैं जो उनसे कह रही है - रॉक ऑन। वे जानते हैं जिंदगी दोबारा नहीं मिलेगी इसीलिए पूरे जोश-ओ-खरोश के साथ झूमते-नाचते गा रहे हैं और शुरुआती कामयाबी का स्वाद भी चख रहे हैं। जाहिर है उनके हौसले बुलंद हैं।

यूँ बना पंचम :
ये पाँच युवा हैं 23 साल के मैडी यानी मयंक नागौर। इनका ताल्लुक रंगों-ब्रशों से था क्योंकि ये इंदौर फाइन आर्ट कॉलेज के स्टूडेंट रहे हैं लेकिन इनका गला सुर में है लिहाजा ये पंचम के लीड सिंगर हैं। मन में था कि कोई बैंड बनाया जाए। जेब खाली थी, नौकरी की और अपना बैंड बनाने के लिए इस्ट्रूमेंट्स खरीदे।

इनकी मुलाकात पंकज से हुई। 21 साल के पंकज ने तबले में विशारद हासिल की है लिहाजा ये पंचम के ड्रमर बन गए। फिर विकास पाटीदार इससे जुड़ गए। वे 22 साल के हैं और एक्रोपोलिस कॉलेज से बीई कर रहे हैं। एक दिन यूँ गिटार के तारों पर उँगलियाँ फिसलीं तो साज से दोस्ती हो गई।

दोस्ती हुई तो तारों से सुर निकलने लगे। और ये बन गए लीड गिटारिस्ट। सीखते-सीखते बजाना सीखा। पुनीत 22 के हैं और आईपीएस एकेडमी से वोकल में डिग्री ले रहे हैं। इन दोस्तों से दिल मिले तो सुर में सुर मिलाने लगे। इसी तरह पंचम के सबसे छोटे मेंबर 20 साल के रूपांशु की इनसे मुलाकात हुई।

सोचा गिटारिस्ट बनेंगे। पैसे इकट्ठा किए, गिटार खरीदा और नैट से गिटार बजाने की तमाम जानकारियाँ हासिल कर पंचम में शामिल हो गए। अब ये बेस गिटारिस्ट हैं और आईपीएस अकेडमी से टूरिज्म मैनेजमेंट की डिग्री ले रहे हैं। तुम हो तो गाता है दिल मयंक कहते हैं बैंड का नाम पंचम हमने आरडी बर्मन से प्रेरणा लेकर रखा। हमारा यह बैंड मशहूर होगा इसलिए हम रियाज करते हैं।

बीकॉम सेकंड ईयर (आईपीएस एकेडमी) के स्टूडेंट पंकज गीत लिखते हैं और कहते हैं हमने इन्हें कम्पोज भी किया है। वे मैडी के साथ गाकर भी सुनाते हैं। बोल सुंदर हैं, धुन मीठी है। वे कहते हैं अब तक हम नौ-दस गाने लिख चुके हैं और सारे कम्पोज भी कर चुके हैं। हम चाहते हैं कि अपना म्यूजिक एलबम लॉन्च करें लेकिन यह मंजिल दूर है।

रूपांशु कहते हैं इसीलिए हम रोज दो-तीन घंटे रियाज करते हैं। फिलहाल हम एक गोडाउन में रियाज कर रहे हैं। विकास कहते हैं मैं चाहता हूँ एरिक क्लैप्टन जैसा गिटार बजाकर मशहूर हो जाऊँ। पुनीत कहते हैं- हम कोशिश कर रहे हैं कि पहले छोटे-छोटे प्रोग्राम देकर शुरुआत की जाए। हाल ही में हमारा बैंड कुछ प्रोग्राम दे चुका है और हमें जबर्दस्त रिस्पांस मिला। हम इससे खुश हैं।

पाँचों में दोस्ती का अटूट जज्बा है, जब भी मिलते हैं-गाते-गुनगुनाते हैं। जैसे गा रहे हों-तुम हो तो गाता है दिल। पंचम के मेंबर्स ने फिल्म निर्देशक और अभिनेता फरहान अख्तर की फिल्म रॉक ऑन साथ-साथ देखी और इनके बीच दोस्ती अब और मजबूत हो गई है और अपने बैंड को मशहूर होता देखने का सपना ज्यादा चमकीला और साफ हो गया है।

हालाँकि इस फिल्म के रिलीज होने के पहले ही इनका ये बैंड बन चुका था। ये गाते हैं, नाचते हैं और झूमते हैं। जिंदगी में डूबकर, जिंदगी को जी कर उसके इशारे के समझते हुए कि -रॉक ऑन।

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