केंद्र सरकार ने पेट्रोल के दाम बढ़ाने के साथ अब केरोसिन, डीजल और रसोई गैस के दामों में जबर्दस्त बढ़ोतरी कर आम आदमी को महँगाई के बोझ से लाद दिया है। 2004 में चुनाव जीतकर आई कांग्रेस ने कहा था कि हमारा हाथ आम आदमी के साथ है, लेकिन अब तो ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस का एक हाथ आम आदमी की जेब में और दूसरा गरदन पर जमा हुआ है।
देश की जनता इस भयंकर मार का दर्द सह नहीं पा रही है। सभी के मन में यही सवाल है कि मनमोहन सिंह ये आपने क्या किया। अभी तो आम चुनाव होने में लंबा समय है और क्या तब तक पेट्रोल 100 रुपए के पार हो जाएगा। क्या गैस इतनी महँगी होगी कि गरीब चूल्हे पर खाना बनाएगा। इन सवालों का जवाब न प्रधानमंत्री के पास है और न उन्हें चलाने वाले रिमोट कंट्रोल के पास।