कृष्णपुरा की छत्रियों में कुछ बुजुर्गों के साथ कुछ युवाओं को देखा। सभी बाबा रामदेव के समर्थन में बैठे थे। दूसरी ओर मंच लगा था। किसी पार्टी विशेष का ही था। यहाँ सत्याग्रह और अनशन को छोड़ सारी बातें हो रही थीं। मसलन, अमूक संगठन के फलाने साहब अपने सदस्यों के साथ मौजूद हैं। है ना विडंबना। ऐसी ही स्थिति पूरे देश की है। सचाई खामोशी ओढ़े बैठी है। बुराई असंख्य माध्यमों से चीखती प्रतीत हो रही है। हैरान-परेशान है तो आम आदमी। आखिरकर तय तो उसे ही करना है कि सही क्या है? बहरहाल, हमारे लिए खुशी की बात यह है कि युवाओं का रवैया खबरों को लेकर दिनों-दिन सुधर रहा है।
प्रश्न था कि बाबा रामदेव का सत्याग्रह कहाँ से शरू हुआ और कहाँ जारी है?
विकल्प- इसमें क्या विकल्प दे साहब।
संदीप गुप्ता इंजीनियरिंग के विद्यार्थी हैं। हाँ तो भाई, संदीप बताएँ कि जवाब क्या होना चाहिए। सर... वो दिल्ली के रामलीला मैदान में शुरू हुआ था। फिर पुलिस ने बाबा को हटा दिया था। अभी कहाँ चल रहा है, इसमें कुछ कंफ्यूजन है। (लो, यहाँ भी फ्यूज) हरिद्वार होना चाहिए, शायद। चलो इस जवाब से बत्तीगुल होने से बच गई।
अब बारी आई समर्थ सिंह की। उत्साह अच्छा था। हाँ तो समर्थ, बताएँ कि जवाब क्या होगा। शुरुआत तो रामलीला मैदान से ही हुई थी। फिर शायद बाबा नोएडा गए थे। फिर बाद में हरिद्वार चले गए, वहीं शुरू किया है। वैसे उनका यह कदम अच्छा है। (लो ये विचार भी आ गया।) चलिए, दोस्त आपकी बत्ती भी जल गई है।
फिर मिले आदित्य नारायण झारिया। इनका उत्साह तो ऐसा था मानो रामलीला मैदान से ही चले आ रहे हों। बताएँ कि जवाब क्या होना चाहिए? अरे, वो दिल्ली के रामलीला मैदान से शुरू हुआ था। और अभी शायद कहीं चल रहा है, लेकिन मैंने पढ़ा नहीं है। इसलिए कुछ कह नहीं पाऊँगा। मगर, दोस्त ऐसे तो आपकी बत्ती गुल हो गई।
कुछ समय बाद मिली निशा सांवनेर। दोनों ही इंजीनियरिंग की विद्यार्थी हैं। हाँ तो निशा पहले आप बताएँ कि सही जवाब क्या होना चाहिए। हाँ बाबा रामदेव ने अपना अनशन दिल्ली के रामलीला मैदान से शुरू किया। इसके बाद हरिद्वार में अनशन चल रहा है। (कमाल है यार... ऐसी जानकारी) चलिए, आपकी बत्ती तो जल गई।
हाँ तो सीमा, आप बताएँ कि जवाब क्या होना चाहिए। मुखमुद्रा ही बता रही हैं कि इन्हें पूरी खबर का अंदाजा है। जवाब भी पता है। बिना कोई देरी किए इन्होंने भी कहा कि सर, सही जवाब है- रामलीला मैदान और हरिद्वार। हमने अखबार में पढ़ा था। क्या बात है। बहुत दिनों बाद अब खबरों से वास्ता रखने वाले प्रतिभागी मिलना शुरू हुए हैं। बहुत ही अच्छा संकेत है। आपकी बत्ती भी जल गई। तो भाई, बाबा रामदेव का अनशन अब रामलीला मैदान से हरिद्वार पहुँच गया है। अब पता नहीं बाबा कब तक अपना अनशन जारी रखेंगे । साइकल को फिर से चलन में लाओ। सेहत और जेब की हिफाजत दोनों ही के लिए अच्छा है, क्योंकि ये पेट्रोल की कीमतें तो रुकने से रही। अभी तो चलते हैं... फिर मिलते हैं।-
हिमांशु दुबे