बहुत दिनों के बाद किसी कॉलेज पार्किंग में पहुँचे हैं। क्या कहा, आजकल अधिकांश विद्यार्थी यहीं मिलते हैं। अब यह तो हमें भी मालूम है। वैसे भी अभी तो समय ही ऐसा चल रहा है। बहरहाल फिलहाल बात बत्ती गुल की। इस समूह में मनोज कुमार अहिरवाल, कपिल जैन, सुमित पाटिल और शुभम सूर्यवंशी शामिल हैं। अरे ये वो ही कॉलम है, जिसमें गुगली हो जाती है यार। मैं तो हिस्सा नहीं लूँगा, तुझे लेना हो तो ले ले। अरे अपना दोस्त आ गया। अब सब कुछ आसान होगा। ये बातें हमारी बात शुरू करने के पहले ही हो चुकी थीं। लगभग हर बार ही ऐसा होता है। इस बार सोचा आपके साथ बाँटा जाए।
प्रश्न था कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के वर्तमान गवर्नर कौन हैं?
विकल्प- क्यों कठिन है?
आखिर में हमारी बात हुई शुभम सूर्यवंशी से। हाँ तो दोस्त शुभम, आप क्या कहते हैं। नहीं सर मुझे तो कोई आइडिया नहीं है। इस बारे में कभी पढ़ा नहीं। (वैसे आरबीआई क्या है? यह तो आपको पता है ना?) अरे रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया है। यह आवाज कपिल की थी। (सुनकर अच्छा लगा) हाँ तो शुभम, फिर आपका जवाब। अअ..मम..नो आइडिया। चलिए तो फिर बत्ती गुल है आपकी।
हाँ तो दोस्त मनोज, आप बताएँ कि जवाब क्या होना चाहिए। अअ... बिलकुल भी आइडिया नहीं है सर। इस बारे में कभी सोचा नहीं। (लो भाई यहाँ तो मामला ही अलग है।) कोई अंदाजा... नहीं सर... किसी और से पूछ लीजिए। चलिए दोस्त आपकी बत्ती तो गुल ही मानी जाएगी।
कपिल, आपको कोई अंदाजा है कि जवाब क्या होगा? अअ... रुको मैं नोट निकालकर ही देख लेता हूँ। (यह कोशिश, कमाल है भाई) फिर कुछ देर रुकने के बाद इन्होंने कहा कि पी. सुब्बाराव हैं अभी गवर्नर। आपको पक्का पता है या सिर्फ तुक्का ही लगा रहे हैं। नहीं मुझे लगता है कि यही होंगे। चलिए, इसे लिख लेते हैं, मगर दोस्त आपकी भी बत्ती गुल हो गई।
हाँ तो दोस्त सुमित, आपका क्या मानना है? फिलहाल गर्वनर कौन होंगे? (इस दौरान शायद कुछ नोट देख भी लिए गए हैं, इसलिए हर तरफ से मिस्टर रेड्डी... मिस्टर रेड्डी नाम सुनाई दे रहा है।) इसमें मनोज की आवाज भी शामिल हैं। बहरहाल, सुमित आपका जवाब? अअ... मम... वो मिस्टर रेड्डी ही लीखिए। मुझे लगता है यही सही होगा। (हाँ नोट पर जो पढ़ लिया आपने) खैर, दोस्त आपकी भी बत्ती गुल ही है। वर्तमान में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर डॉ. डी. सुब्बाराव हैं। इन्होंने 6 सितंबर 2008 को कार्यभार संभाला था। बैंकों द्वारा ब्याज दर बढ़ाए जाने को लेकर इन दिनों ये खबरों में छाए हुए हैं। वैसे आजकल सामान्य ज्ञान हर क्षेत्र के लिए जरूरी हो गया है। भाई साहब कलेक्टर साहब से लेकर अभिनेता तक का सामान्य ज्ञान परखा जाने लगा है। यकीन ना हो तो एक्जाम पैटर्न देख लो। खैर, अभी तो चलते हैं... फिर मिलते हैं। -
हिमांशु दुबे