हिन्दुस्तान में ही हिन्दी को लेकर खासी विडंबना है। विदेशी कहते हैं कि यहाँ हिन्दी बोलता ही कौन है। देश के लोगों का कहना है कि सब ग्लोबलाइजेशन की मार है। कुल मिलाकर नुकसान हिन्दी भाषा का। यह बात इसलिए छेड़ी कि जब कभी भी युवा साथियों के बीच बत्ती गुल के लिए जाते हैं तो ऐसी ही स्थिति का सामना करना पड़ता है। फिलहाल तो बात बत्ती गुल की। खंडवा रोड स्थित तक्षशिला परिसर में आए हैं। मानसून में यहाँ का एकांत भी बहुत कुछ कहता प्रतीत होता है। खैर, सबसे पहले मिले हैं तीन दोस्त- नितिन यादव, संदीप यादव और अभिनव दीक्षित।
प्रश्न था कि कर्नल गद्दाफी किस देश से ताल्लुक रखते हैं?
विकल्प - अभी नहीं कुछ देर बाद।
हाँ तो नितिन, आप बताएँ कि जवाब क्या होना चाहिए? अअ... अफगानिस्तान होना चाहिए। क्यों? सारे आतंकवादी यहीं से आते हैं। (मगर, मैंने तो देश का नाम पूछा है।) यह नाम ही आतंकवादी जैसा है। आप अखबार पढ़ते हैं? रोज पढ़ता हूँ तो फिर... बस आज नहीं पढ़ पाया। चलिए, आपकी बात मान लेते हैं, लेकिन आपकी बत्ती गुल है दोस्त।
यहाँ तो बिलकुल सन्नाटा छाया हुआ है। यह स्थिति है संदीप यादव की। ये इंजीनियरिंग के छात्र हैं। इनका कहना था कि पाकिस्तान भी हो सकता है। नाम तो कुछ ऐसा ही है। फिर कहा कि नहीं... नहीं तालिबान होगा। हैं...? नहीं सर कोई भी आइडिया नहीं है। वो क्या है कि आज नहीं पढ़ पाए। चलिए बत्ती तो आपकी भी गुल हो गई।
हाँ तो दोस्त अभिनव, बताएँ कि आपको क्या लगता है? जवाब क्या होगा? अअ... मम... पाकिस्तान ही होना चाहिए। यहाँ से ही सारे आतंकवादी आते हैं। (अरे, मगर हमें शासक के देश का नाम चाहिए) आतंकवाद बड़ा छाया हुआ है, भाई। खैर, अभिनव आपका जवाब? अ... पाकिस्तान ही लिखिए। यही होना चाहिए। आपकी भी बत्ती गुल है भाई।
कुछ देर बाद मिले हैं नवीन रघुवंशी। ये नौकरीपेशा व्यक्ति हैं। पहली बार ऐसा कोई प्रतिभागी मिला है। यह भी अच्छी बात है। हाँ तो दोस्त नवीन, बताएँ कि आपके हिसाब से सही जवाब क्या होना चाहिए। नहीं सर, इस बारे में तो कोई अंदाजा भी नहीं है। जवाब के बारे में कुछ भी कहना संभव नहीं है। तुक्का ही लगाना है तो मैं तालिबान कहूँगा। आपकी भी बत्ती गुल हो गई दोस्त।
आखिर में मिली हैं पूजा उपाध्याय। यह एमबीए की छात्रा हैं। कुछ पूछताछ के बाद बत्ती गुल का हिस्सा बनने के लिए राजी हुई है। हाँ तो पूजा, बताएँ कि जवाब क्या होना चाहिए। अअ... अफगानिस्तान होना चाहिए। यह आजकल खबरों में खासा छाया हुआ है। मैंने इसके बारे में पढ़ा भी था। बात ठीक है, लेकिन आपकी भी बत्ती गुल है। वैसे कर्नल गद्दाफी लीबिया से हैं। वे लीबिया में एक शासक और क्रांति के नेता के रूप में जाने जाते हैं। उनके खिलाफ वारंट जारी किए जाने की खबरें भी आईं। बहरहाल, आज तो सभी दोस्तों की बत्ती गुल हो गई है। क्या कहा जाए, इस पर। हर बात के लिए समय निकाला जा सकता है। निर्भर करता है कि हमारी कोशिश किस स्तर की है। युवा उद्यमी शरथ बाबू ने कही थी यह बात। गौर कीजिएगा, बिलकुल सही बात है। अभी तो चलता हूँ।