यह खबर कतई चौंकाने वाली नहीं है। खबर है कि पाकिस्तानी फिल्म इंडस्ट्री के लोग बॉलीवुड फिल्मों के खिलाफ एकजुट हो रहे हैं। उनका तर्क है कि पाकिस्तान में बॉलीवुड फिल्में इतनी लोकप्रिय हैं कि उसके सामने पाकिस्तानी फिल्में ज्यादा चल नहीं पाती हैं और उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ता है। इसलिए न केवल पाकिस्तानी निर्माता-निर्देशक बल्कि लेखक-अभिनेता भी चाहते हैं कि बॉलीवुड फिल्मों के प्रदर्शन पर रोक लगा दी जाए।
इसमें कोई दो मत नहीं कि बॉलीवुड फिल्मों ने आज ग्लोबलाइजेश के दौर में अपनी एक ग्लोबल धाक जमाई है। पाकिस्तान-अफगानिस्तान से लेकर यूरोप और अमेरिका में बॉलीवुड ने अपनी धूम मचाई है। इस ग्लोबलाइजेश के दौर में अब किसी देश विशेष की फिल्मों और अन्य कलाओं के खिलाफ इस तरह का मामला हास्यास्पद लगता है। पाकिस्तानी निर्माताओं-निर्देशकों से लेकर लेखक-अभिनेताओं को यह सोचना होगा कि वे बॉलीवुड से बेहतर सिनेमा कैसे बना सकते हैं। इसी आधार पर वे बॉलीवुड से कोई स्पर्धा कर सकते हैं।