इंदौर में हुए तिहरे हत्याकांड का सच जानने ? के बाद नागरिक बस एक ही बात कह रहे हैं कि ऐसा नहीं होना चाहिए था। हर बार ऐसी घटनाएँ शहर के संस्कारित होने पर सवालिया निशान लगा रही हैं। लोगों को सबसे ज्यादा तकलीफ इस बात की है कि एक युवा लड़की ने इस हत्याकांड की साजिश रची।
युवाओं में रईसी की जिंदगी जीने की जो नई परंपरा शुरू हुई है वो गलत नहीं है, लेकिन इच्छाओं को पूरा करने के लिए ऐसा रास्ता चुनना नागरिकों को रास नहीं आ रहा है। सभी का यही कहना है कि हमें युवाओं में अच्छे नागरिक बनने के बीज बोने हैं। यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है कि नेहा एक मध्यमवर्गीय परिवार से है और उसकी ऐसी कोई मजबूरी नहीं थी कि वह ऐसा कदम उठाती।