यह खबर चौंकाने वाली है। यह खबर शिक्षकों द्वारा किए जा रहे मूल्यांकन पर सवाल खड़े करती है। यह खबर बताती है कि कॉपी जाँचने में लापरवाही बरती जाती है। खबर है कि माध्यमिक शिक्षा मंडल में हायर सेकंडरी और हाईस्कूल के एक लाख से ज्यादा विद्यार्थियों ने रीटोटलिंग के लिए आवेदन किए हैं। वे उन्हें मिले अंकों से असंतुष्ट हैं और चाहते हैं कि उनकी कॉपियों को फिर से देखा जाए और रीटोटलिंग की जाए।
हालाँकि एक अधिकारी का कहना है कि विद्यार्थी गणित और फिजिक्स जैसे विषयों में अच्छी स्कोरिंग करते हैं, लेकिन लैंग्वेज के पेपर में उन्हें कम मार्क्स आते हैं। लिहाजा उन्हें लगता है कि उन्हें ठीक मार्क्स नहीं दिए गए हैं, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों का रीटोटलिंग के लिए आवेदन करना बताता है कि मूल्यांकन में लापरवाही होती है। एक अधिकारी इस बात को स्वीकार भी करते हैं और कहते हैं कि यह शिक्षकों की लापरवाही है।