भारतीय वायुसेना के लिए ये ऐतिहासिक पल थे और खासकर उसकी महिला अधिकारियों के लिए खास पल थे। जीवन में हमेशा के लिए यादगार बन जाने वाले पल। उनके लिए ये ऐसे पल थे, जिन्हें वे अपने जीवन में हमेशा सीना ताने याद कर सकती हैं। भारतीय वायु सेना की 79वीं वर्षगाँठ पर छह महिला अधिकारियों ने आठ हजार फुट की ऊँचाई से स्काई डाइविंग की। यह सिर्फ बहादुरी का ही कमाल नहीं है, यह अथक परिश्रम, लगन और मेहनत का कमाल का है।
इन महिला अधिकारियों ने पूरे देश की महिलाओं के लिए एक और ऐसा मौका दिया है, जब वे पूरे आत्मविश्वास के साथ यह कह सकती हैं कि भारतीय महिलाएँ क्या नहीं कर सकतीं। वस्तुतः यह स्काई डाइविंग एक पारंपरिक भारतीय समाज का उजला रूपक बन गई है। यह रूपक है भारतीय महिलाओं का जीवन के हर क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ हासिल करने का। नई चुनौतियों का सामना करने का और उन चुनौतियों को पूरे विश्वास के साथ कामयाबी से पूरा करने का।