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वास्तु अनुसार कैसे करें भवन का निर्माण

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वास्तुशास्त्र
हर किसी की आंखों में खूबसूरत घर का सपना रहता है। यह सपना साकार करने के लिए हम तमाम जतन भी करते हैं। जितना ध्यान हम घर के बाहरी खूबसूरती पर देते हैं, उतना ही घर के अंदर का वास्तु भी महत्वपूर्ण हैं। आइए जानते है भवन के अंदर का वास्तु कैसा होना चाहिए। 


 
* पूजा घर या अध्ययन कक्ष उत्तर-पूर्व (ईशान) में बनाना लाभकारी है। 
 
* अपने रसोईघर को दक्षिण-पूर्व या उत्तर-पश्चिम में बनवाएं। 
 
* रसोईघर का निर्माण अगर दिशा-निर्देश को ध्यान में रखकर किया जाए, तो भोजन तो स्वादिष्ट बनता ही है, साथ ही आर्थिक दृष्टि से भी यह महत्वपूर्ण है। 
 
* मकान का ड्राइंग रूम उत्तर-पूर्व, उत्तर या पूर्व दिशा में होना चाहिए। 
 
* प्रवेश द्वार भी आप इन्हीं दिशाओं में बना सकते हैं। 
 
* अगर आपके प्लॉट के अनुसार, इन दिशाओं में प्रवेश द्वार बनाना संभव नहीं है तो कुशल वास्तु विशेषज्ञ से परामर्श लेकर प्रवेश द्वार हेतु निर्णय लेना चाहिए। 
 
* वास्तु के अनुसार यूं तो टॉयलेट घर में नहीं होना चाहिए, लेकिन आजकल यह संभव नहीं है। इसलिए इसे पश्चिम, दक्षिण या उत्तर-पश्चिम दिशा में बनवाना चाहिए। 
 
* परिवार के मुखिया और उसकी पत्नी के लिए घर का मास्टर बेडरूम दक्षिण-पश्चिम, पश्चिम या दक्षिण दिशा में हो। 

 

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