Hanuman Chalisa

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

प्रधानमंत्री मोदी की विकास दृष्टि और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में अधोसंरचना विकास को नई गति

डिजिटल मॉनिटरिंग और लोकपथ 2.0 से मजबूत हुई सड़क निर्माण और निगरानी व्यवस्था

Advertiesment
Chief Minister Dr. Mohan Yadav
भोपाल। मध्यप्रदेश में सड़क, पुल और सार्वजनिक अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के विकास में अधोसंरचना को मजबूत आधार बताया है। उसी सोच को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में सड़क और कनेक्टिविटी विकास को प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में लोक निर्माण विभाग ने “लोक निर्माण से लोक कल्याण” को अपना ध्येय वाक्य बनाकर विकास को सीधे आम जनता की सुविधा और आर्थिक प्रगति से जोड़ा है।
 
सड़क नेटवर्क को वैज्ञानिक आधार-लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों के अनुसार लोक निर्माण विभाग ने सड़क नेटवर्क को अधिक वैज्ञानिक और व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसके तहत सड़क श्रेणियों का पुनर्गठन और रोड नेटवर्क रैशनलाइजेशन की प्रक्रिया शुरू की गई है।
 
सटीक जानकारी के लिए विभाग ने “लोक निर्माण सर्वेक्षण मोबाइल एप” विकसित किया है। इसके माध्यम से प्रदेश में 71 हजार किलोमीटर से अधिक सड़कों, लगभग 3 हजार भवनों और 1400 से अधिक पुलों का GIS आधारित सर्वेक्षण किया जा चुका है। इस डिजिटल डेटा से विभाग को अधोसंरचना की वास्तविक स्थिति का स्पष्ट आकलन प्राप्त हुआ है। अब योजनाएँ अधिक सटीक तरीके से बनाई जा रही हैं।
 
रोड नेटवर्क मास्टर प्लान से बेहतर कनेक्टिविटी-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर लोक निर्माण विभाग ने समग्र रोड नेटवर्क मास्टर प्लान तैयार किया है। इस योजना के तहत शहरों के लिए बायपास मार्ग, औद्योगिक क्षेत्रों की बेहतर कनेक्टिविटी और जिला मुख्यालयों के बीच सड़क संपर्क मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही, दूरी और यात्रा समय कम करने के लिए 6 नए ग्रीनफील्ड सड़क मार्ग भी चिन्हित किए गए हैं, जिससे प्रदेश के कई क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएँ खुलेंगी।
 
डिजिटल बजट से पारदर्शिता-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पारदर्शी शासन व्यवस्था के अनुरूप लोक निर्माण विभाग ने GIS आधारित बजट मॉड्यूल शुरू किया है। अब हर सड़क प्रस्ताव को डिजिटल नक्शे पर दर्ज किया जाता है, जिससे तुरंत पता चल जाता है कि वह सड़क पहले से बजट में है या किसी अन्य विभाग के अंतर्गत आती है। इस व्यवस्था से योजनाओं में दोहराव समाप्त हुआ है और विकास कार्यों की प्राथमिकताएँ अधिक स्पष्ट हुई हैं।
 
लोकपथ 2.0 : नागरिकों के लिए स्मार्ट सुविधा-लोक निर्माण विभाग द्वारा शुरू किया गया लोकपथ मोबाइल ऐप अब उन्नत होकर लोकपथ 2.0 बन चुका है। यह ऐप नागरिकों के लिए एक स्मार्ट ट्रैवल गाइड की तरह कार्य करता है। इस ऐप में रूट प्लानर, टोल जानकारी, SOS सुविधा, अस्पताल और पेट्रोल पंप की जानकारी तथा दुर्घटना संभावित स्थानों की चेतावनी जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। यह एप ब्लैक स्पॉट से लगभग 500 मीटर पहले चेतावनी देकर सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देता है।
 
गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सख्त निगरानी-निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की गई है। पिछले 13 महीनों में 875 निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया गया। गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर 25 ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया गया और कई मामलों में कार्रवाई की गई। इसके साथ ही प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम (PMS 2.0) के माध्यम से योजना से लेकर भुगतान तक की प्रक्रिया को डिजिटल बनाया जा रहा है।
 
पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास-प्रदेश में अधोसंरचना विकास को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए भी कई पहलें की जा रही हैं। सड़क निर्माण के दौरान खुदाई से बने स्थानों को “लोक कल्याण सरोवर” के रूप में विकसित किया जा रहा है।
 
अब तक 506 सरोवर बनाए जा चुके हैं और 600 नए सरोवर विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा सड़क किनारे भूजल रिचार्ज, फ्लाईओवर पर रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और ग्रीन बिल्डिंग निर्माण जैसे कदम भी उठाए जा रहे हैं।
 
प्रदेश में सड़क निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। वर्तमान में लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 77 हजार किलोमीटर से अधिक सड़क नेटवर्क है।पिछले दो वर्षों में 11,632 किलोमीटर सड़कों का निर्माण और मजबूतीकरण, 5,741 किलोमीटर सड़कों का नवीनीकरण, 190 पुल और फ्लाईओवर का निर्माण किया गया है। वर्तमान में 16,954 किलोमीटर सड़क निर्माण और 531 पुल एवं फ्लाईओवर परियोजनाएँ प्रगति पर हैं
 
एक्सप्रेसवे और रिंग रोड परियोजनाएँ-प्रदेश में बड़े पैमाने पर कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए 6 प्रमुख विकास पथ (एक्सप्रेसवे) परियोजनाओं पर काम शुरू किया गया है। इसके साथ ही भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन में रिंग रोड निर्माण की प्रक्रिया भी जारी है, जिससे शहरों में यातायात दबाव कम होगा।
 
NHAI के साथ 1 लाख करोड़ का समझौता-प्रदेश में अधोसंरचना विकास को नई गति देने के लिए NHAI के साथ लगभग 1 लाख करोड़ रुपये का समझौता किया गया है। इसमें से 28 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को स्वीकृति मिल चुकी है और कई परियोजनाओं पर कार्य प्रारंभ हो चुका है।
 
मध्यप्रदेश को विकसित राज्य बनाने की दिशा में कदम
 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकास दृष्टि और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में लोक निर्माण विभाग मध्यप्रदेश में अधोसंरचना विकास को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की दिशा में विभाग तकनीकी, पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ कार्य करते हुए प्रदेश को आने वाले वर्षों में देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
 

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

योगी सरकार की पहल से सशक्त हो रहीं निराश्रित महिलाएं, 40 लाख से अधिक को मिल रहा विधवा पेंशन का लाभ