'मैन ऑफ द मैच' शेन वॉटसन के तूफानी 74 रन (40 गेंदों में 5 चौके, 5 छक्के) की बदौलत राजस्थान रॉयल्स ने अपने घरू दर्शकों के समक्ष दिल्ली डेयरडेविल्स जैसी ताकतवर टीम के खिलाफ 3 विकेट से रोमांचक जीत दर्ज की। यह जीत उसे महज 5 गेंद शेष रहते नसीब हुई।
राजस्थान के सामने जीत के लिए 157 रनों का लक्ष्य था। 15.3 ओवर में जब उसके 6 सूरमा बल्लेबाज यूसुफ पठान 8, ग्रीम स्मिथ 24, मोहम्मद कैफ 1, रवीन्द्र जडेजा 6, मास्करेनहास 9, और कप्तान शेन वॉर्न 11 रन बनाकर पैवेलियन लौट चुके थे। ऐसे में सहवाग की सेना ने संभावित जीत का जश्न मनाना शुरू ही किया था कि शेन वॉटसन दिल्ली के गेंदबाजों पर भूखे शेर की तरह टूट पड़े।
वॉटसन ने अपनी चमकीली पारी से राजस्थानी दर्शकों को न केवल मंत्रमुग्ध कर दिया, बल्कि कप्तान शेन वॉर्न के लबों पर मुस्कान भी ला दी। 19वें ओवर में वॉटसन दुर्भाग्यपूर्ण ढंग से रन आउट हो गए। यहाँ पर वॉटसन ने लेग अंपायर के फैसले पर आपत्ति जताई। बाद में उन्हें 'तीसरी आँख' ने आउट करार दिया, लेकिन तब तक वॉटसन अपनी भूमिका अदा कर चुके थे।
एक समय राजस्थान को जीत के लिए 10 गेंदों में 7, 9 गेंदों में 7, 8 गेंदों में 7 और 7 गेंद में 6 रन की दरकार थी, तभी चौका लगने से जीत का अंतर 6 गेंदों में 2 रन रह गया। यो महेश अंतिम ओवर लेकर आए, लेकिन पहली ही गेंद वाइड के रूप में चौके के लिए निकल गई। इस तरह राजस्थान ने तीन विकेट से रोमांचक जीत दर्ज करके सेमीफाइनल में पहुँचने के लिए अपना दावा पुख्ता किया। राजस्थान ने 19.1 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 159 रन एकत्र किए।
इससे पूर्व दिल्ली डेयरडेविल्स ने शीर्ष क्रम के लचर प्रदर्शन के बावजूद माहरूफ के 19वें ओवर में शेन वॉर्न पर अपनाए गए तीखे तेवरों की मदद से सात विकेट पर 156 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया था।
डेयरडेविल्स का स्कोर 17वें ओवर तक छह विकेट पर 109 रन था, लेकिन अगले दो ओवर में 40 रन बने। इनमें से वॉर्न के 19वें ओवर में माहरूफ ने चार छक्के जड़कर कुल 27 रन लिए, जिससे दिल्ली की टीम मैच में वापसी करने में भी सफल रही। माहरूफ ने 16 गेंद पर 39 रन बनाए, जिसमें दो चौके और चार छक्के शामिल थे।
माहरूफ के अलावा गौतम गंभीर (31) ही अच्छा योगदान दे पाए, क्योंकि डेयरडेविल्स के लिए सवाई मानसिंह स्टेडियम में शुरू में कुछ भी अच्छा नहीं रहा। आईपीएल में अपना पहला मैच खेल रहे दिमित्री मास्करेनहास की पहली गेंद ही गंभीर के बल्ले को छूकर विकेट के बेहद करीब से होकर चार रन के लिए गई। गंभीर ने इस ओवर में दूसरा चौका भी जड़ा लेकिन वीरेंद्र सहवाग रंग में नहीं दिखाई दिए।
राजस्थान रॉयल्स के गेंदबाजों की तारीफ करना होगी कि उन्होंने सहवाग पर अंकुश लगाए रखा। सहवाग पर तेज रन बनाने का दबाव साफ दिख रहा था और ऐसे में उन्होंने शेन वॉटसन की ऑफ स्टंप की बाहर जाती गेंद पर करारा शॉट जमाया, लेकिन गेंद बैकवर्ड प्वाइंट पर खड़े मोहम्मद कैफ के पास चली गई। सहवाग ने 17 रन के लिए 20 गेंद खेली और केवल दो चौके लगाए।
दिल्ली को जल्द ही दूसरा झटका लगा, जब शिखर धवन ऐसे रन के लिए दौड़ पड़े जिस पर कोई भी बल्लेबाज शुरुआती चरण में रन लेने की कोशिश नहीं करता। धवन समय पर क्रीज पर नहीं पहुँच पाए और डेयरडेविल्स का स्कोर दो विकेट पर 52 रन हो गया।
गंभीर की 23 गेंद पर चार चौकों की मदद से खेली गई 31 रन की पारी का अंत सिद्वार्थ त्रिवेदी ने किया। गंभीर उनकी धीमी गेंद को एक्स्ट्रा कवर में खेलना चाहते थे, लेकिन वह बल्ले का किनारा लेकर विकेट उखाड़ गई।
मास्करेनहास ने इसके बाद अपने एक ओवर में एबी डिविलियर्स (20) और दिनेश कार्तिक (13) की संघर्षपूर्ण पारियों का अंत किया। डिविलियर्स ने गेंद को हवा में उछालकर वॉर्न को आसान कैच थमाया जबकि कार्तिक ने उछाल लेती गेंद पर विकेटकीपर को कैच दिया।
त्रिवेदी ने यॉर्कर पर अमित मिश्रा को बोल्ड करके रायल्स के समर्थकों को रोमांचित कर दिया। क्रीज पर इसके बाद दो श्रीलंकाई बल्लेबाज थे। तिलकरत्ने दिलशान (18) ने 17वें ओवर में त्रिवेदी पर चौका और छक्का जड़ा जबकि वॉर्न के अगले ओवर ने रॉयल्स का मिजाज बिगाड़ दिया।
माहरूफ ने इस ओवर में लांग ऑफ, लांग ऑन, मिड ऑन और मिडविकेट पर छक्के उड़ाए। इनमें से दूसरे छक्के पर कैफ ने एक हाथ से कैच कर दिया था, लेकिन वे अपना संतुलन नहीं बना पाए और सीमा रेखा पर गिर पड़े।
रॉयल्स की तरफ से मास्करेनहास, वाटसन और त्रिवेदी ने किफायती गेंदबाजी करते हुए दो-दो विकेट लिए जबकि वॉर्न ने चार ओवर में 47 रन दिए।