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प. भीमसेन जोशी भारत रत्न के असली हकदार

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हमें फॉलो करें पंडित भीमसेन जोशी
नई दिल्ली (भाषा) , बुधवार, 5 नवंबर 2008 (17:17 IST)
किराना घराने के प्रख्यात शास्त्रीय गायक पं. भीमसेन जोशी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न मिलने पर संगीत जगत से जुड़ी तमाम हस्तियों ने कहा है कि वे भारत रत्न के असली हकदार थे और सरकार से अपील की कि प्रतिभा का सम्मान वक्त रहते करना चाहिए।

प्रसिद्ध खयाल गायक जोड़ी राजन साजन मिश्र के साजन मिश्र ने कहा पंडित भीमसेन जोशी को भारत रत्न मिलने की हम दोनों को ही नहीं, बल्कि पूरी संगीत बिरादरी को बेहद खुशी है। वे भारतीय संगीत जगत के महानायक हैं और ऐसे कलाकारों को भारत रत्न से नवाजने के लिए सरकार भी बधाई की पात्र है।

उन्होंने कहा हालाँकि उन्हें यह सम्मान कुछ साल पहले ही मिल जाना चाहिए था। उन्हें भारत रत्न मिलने से शास्त्रीय संगीत की तरफ लोगों का रुझान और बढ़ेगा।

सरोद वादक उस्ताद अमजद अली खान ने कहा वर्तमान समय में दुनिया के सबसे महान गायक को सर्वोच्च नागरिक सम्मान देना अपने आप में सम्मान की बात है। उनके योगदान के बिना शास्त्रीय संगीत अपंग है।

उन्होंने कहा पं जोशी को सर्वोच्च नागरिक सम्मान से उचित समय में सम्मानित किया गया है। यह ऐसा समय है, जब शास्त्रीय संगीत को अन्य तरह के संगीत जैसे फ्यूजन और रीमिक्स से चुनौती मिल रही है।

प्रसिद्ध बाँसुरी वादक पंडित रोनू मजूमदार ने बताया देर से मिला, लेकिन मुझे इस बात की खुशी है कि पंडितजी को उनके जीवन काल में भारत रत्न मिल गया। पंडितजी पिछली सदी की सबसे महान आवाज हैं।

पंडितजी से 19 साल की उम्र से जुडे रोनू ने कहा कि मुझे व्यक्तिगत तौर पर बेहद खुशी है कि वे पहले खयाल गायक हैं, जिन्हें देश के सर्वोच्च सम्मान से नवाजा गया।

जोशी की गायिकी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि समाचार मिलते ही उन्हें पंडित भीमसेन जोशी का लताजी के साथ एलबम 'राम-श्याम गुणगान' याद आ गया, जिसमें दो महान कलाकारों के लय और ताल का जादू अविस्मरणीय है।

कथक नृत्यांगना उमा शर्मा ने उन्हें तानसम्राट बताते हुए कहा कि पं. भीमसेन जोशी को बहुत पहले भारत रत्न मिल जाना चाहिए था और इस तरह के पुरस्कार देने वालों को यह अवश्य ध्यान रखना चाहिए कि विज्ञान कला और अन्य रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़ी हस्तियों को समय रहते सम्मानित किया जाए, ताकि वे इसका लुत्फ उठा सकें।

उन्होंने कहा काफी देर से उन्हें यह सम्मान दिया गया, लेकिन चलिए देर आए दुरुस्त आए। शास्त्रीय संगीत के साधक पं. अनुपम राय ने कहा पंडित भीमसेन संगीत के बहुत उच्चकोटि के स्वसाधक हैं और उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करना प्रसन्नता का विषय है। वे भारतीय संगीत ललाट के तिलक हैं।

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