'वेबदुनिया' के पाठकों के लिए 'पाक्षिक-पंचाग' श्रंखला में प्रस्तुत है पौष शुक्ल पक्ष का पाक्षिक पंचांग-
'पाक्षिक-पंचांग': पौष शुक्ल पक्ष
संवत्सर- विरोधकृत
संवत्- 2075 शक संवत् :1940
माह-पौष
पक्ष- शुक्ल पक्ष (06 जनवरी से 21 जनवरी तक)
ऋतु: शिशिर
रवि: उत्तरायणे
गुरु तारा- उदित स्वरूप
शुक्र तारा- उदित स्वरूप
सर्वार्थ सिद्धि योग- 6 जनवरी, 7 जनवरी, 13 जनवरी, 15 जनवरी, 16 जनवरी, 21 जनवरी
अमृतसिद्धि योग- 15 जनवरी
द्विपुष्कर योग- अनुपस्थित
त्रिपुष्कर योग- अनुपस्थित
रवि पुष्य योग- 20 जनवरी
गुरु पुष्य योग- अनुपस्थित
एकादशी- 17 जनवरी (पुत्रदा एकादशी व्रत)
प्रदोष- 18 जनवरी
भद्रा- 9 जनवरी (उदय)-10 जनवरी (अस्त), 13 जनवरी (उदय)-14 जनवरी (अस्त), 17 जनवरी (उदय-अस्त), 20 जनवरी (उदय-अस्त)
पंचक: 09 जनवरी से प्रारंभ-14 जनवरी को समाप्त
मूल- 3 जनवरी से प्रारंभ- 5 जनवरी को समाप्त
पूर्णिमा- 21 जनवरी (पौषी पूर्णिमा)
ग्रहाचार: सूर्य- धनु राशि में (15 जनवरी से मकर राशि में), चंद्र-(सवा दो दिन में राशि परिवर्तन करते हैं), मंगल-मीन राशि में, बुध-धनु राशि में (19 जनवरी से मकर राशि में), गुरु-वृश्चिक राशि में, शुक्र-वृश्चिक राशि में, शनि-धनु, राहु-कर्क, केतु-मकर
व्रत/त्योहार: 12 जनवरी- स्वामी विवेकानंद जयंती,13 जनवरी- लोहड़ी पर्व व गुरु गोविंद सिंह जयंती, 14/15 जनवरी-मकर संक्रांति पर्व
(विशेष- उपर्युक्त गणनाओं में पंचांग भेद होने पर तिथियों/योगों में परिवर्तन संभव है।)
- ज्योतिर्विद् पं. हेमन्त रिछारिया
प्रारब्ध ज्योतिष परामर्श केन्द्र
About Writer
पं. हेमन्त रिछारिया
ज्योतिर्विद पं. हेमन्त रिछारिया ज्योतिष प्रभाकर उपाधि से सम्मानित हैं। विगत 12 वर्षों से ज्योतिष संबंधी अनुसंधान एवं ज्योतिष से जुड़ी गलत धारणाओं का खंडन कर वास्तविक ज्योतिष के प्रचार-प्रसार में योगदान दे रहे हैं। कई ज्योतिष आधारित पुस्तकों का लेखन।....
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