suvichar

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

इस बार कब आ रहा है पुष्य नक्षत्र, कोई फायदा नहीं है इस बार के नक्षत्र का?

Advertiesment
Mercury Pushya Nakshatra
हिंदू पंचांग के हर महीने में अपने क्रम के अनुसार विभिन्न नक्षत्र चंद्रमा के साथ संयोग करते हैं। जब यह क्रम पूर्ण हो जाता है तो उसे एक चंद्र मास कहते हैं। इस प्रकार हर महीने में पुष्य नक्षत्र का शुभ योग बनता है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार इस बार पुष्य नक्षत्र 21 जून 2023 बुधवार को रहेगा। पुष्य नक्षत्र को खरीदारी करना शुभ होता है परंतु इस बार इस नक्षत्र में कोई भी कार्य करने का कोई फायदा नहीं है।
 
उत्पातकारी : 27 नक्षत्रों में से एक आठवां नक्षत्र पुष्‍य है और 28वां नक्षत्र अभिजीत है। जिस वार को पुष्य नक्षत्र आता है उसे उसी वार के अनुसार जाना जाता है। रविवार, सोमवार, शनिवार और गुरुवार को आने वाले पुष्य नक्षत्र को शुभ माना जाता है परंतु बुधवार और शुक्रवार के दिन पड़ने वाले पुष्य नक्षत्र उत्पातकारी भी माने गए हैं। अत: इस दिन कोई भी शुभ या मंगल कार्य ना करें और ना ही कोई वस्तु या वाहन खरीदें। 
 
विवाह के लिए वर्जित है पुष्य नक्षत्र : विदवानों का मानना है कि इस दिन विवाह नहीं करना चाहिए क्योंकि पुष्य नक्षत्र को ब्रह्माजी का श्राप मिला हुआ है, इसलिए यह नक्षत्र विवाह हेतु वर्जित माना गया है। इसके साथ ही 'पूर्वा फाल्गुनी' नक्षत्र भी विवाह हेतु उचित नहीं है।
 
कथा के अनुसार ब्रह्माजी ने अपनी पुत्री शारदा का विवाह गुरु पुष्य के साथ करने का प्रण किया। परंतु ब्रह्माजी स्वयं ही आसक्त हो गए और उन्होंने गुरु पुष्य को शाप देकर विवाह के लिए परित्यक्त कर दिया।

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

आशा दशमी की क्या है पौराणिक कथा?