कोलकाता। इस शुक्रवार को कोलकातावासी एक दुर्लभ क्षण के गवाह बनेंगे जब सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति का धरती के सबसे पास से गुजरते हुए दीदार करेंगे।
जब धरती, सूर्य और बृहस्पति के बीच से अपनी कक्षा में चक्कर लगाते हुए गुजरती है तो एक पल वह आता है, जब वह बृहस्पति के सबसे नजदीक होती है।
साल 2015 का शुक्रवार वह दिन है जब बृहस्पति और धरती के बीच की दूरी मात्र 65 करोड़ किलोमीटर रह जाएगी। यह 2019 तक धरती और बृहस्पति के बीच की सबसे कम दूरी रहेगी।
बिड़ला औद्यौगिक एवं तकनीकी संग्रहालय ने इस संबंध में विशेष तैयारियां की हैं ताकि लोग इन दुर्लभ क्षणों को नजर भर देख सकें और इसके लिए उसने दो दूरबीन लगाई हैं।
संग्रहालय के तकनीकी अधिकारी गौतम सील ने बताया, ‘यह एक दुर्लभ घटना है। कोलकाता उन चंद शहरों में से एक है, जहां से इस विरले खगोलीय नजारे को देखा जा सकता है। इस दौरान आकाश में चांद भी मौजूद होगा जिससे नजारा वाकई शानदार होगा।’
बृहस्पति का उदय शाम के समय होगा और अर्द्धरात्रि में यह सिर के ठीक ऊपर होगा और सुबह के समय इसका अस्त होगा।
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भाषा
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