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100 साल बाद श्रावण में बना सौभाग्य योग

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shravana nakshatra yoga
श्रावण मास में पुष्य व अमृत सिद्धि योग

31 जुलाई की अपराह्न 4.14 बजे तक आषाढ़ का शुक्ल पक्ष रहा। 31 जुलाई की अपराह्न 4.14 से श्रावण लग गया, लेकिन उदया तिथि के चलते 1 अगस्त को सूर्योदय से श्रावण मास के पूजन शुरू हुए। 
 

 
श्रावण पर 31 जुलाई की सुबह 9.54 से 1 अगस्त की सुबह 7.42 तक श्रवण नक्षत्र रहा। 31 जुलाई की दोपहर 2.37 से 1 अगस्त की सुबह 11.02 मिनट तक आयुष्मान योग रहा। 1 अगस्त को ही दोपहर 1.09 से 2 अगस्त की सुबह 5.19 तक द्विपुष्कर योग रहेगा जिसे सौभाग्य योग भी कहते हैं। 31 जुलाई को गुरु पूर्णिमा थी। ध्यान रहे कि शादी-विवाह व अन्य शुभ मुहूर्त 21 नवंबर देवोत्थान एकादशी के बाद आरंभ हो जाएंगे।

इस बार का श्रावण को लेकर भक्तों में अपार उत्साह है। इसका कारण है 100 साल बाद बनने वाला सौभाग्य योग। इस योग में शिवपूजा विशेष सौभाग्यपूरक फल देती है। 
 
आगें पढ़ें श्रावण सोमवार की विशेष तिथियां...  
 
 

श्रावण के महीने में इस बार 4 सोमवार पड़ रहे हैं- 

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पहला 3 अगस्त, दूसरा 10 अगस्त, तीसरा 17 अगस्त और चौथा 24 अगस्त के साथ ही 2 प्रदोष 11 अगस्त और 27 अगस्त होंगे। इन तिथियों को शिव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी।

 

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