Webdunia - Bharat's app for daily news and videos

Install App

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

पुष्य नक्षत्र : एक नजर में

हमें फॉलो करें webdunia
guru pushya nakshatra 2021
 
पुष्य नक्षत्र है नक्षत्रों का राजा
 
27 नक्षत्रों के क्रम में आठवें स्थान पर आता है।
 
रविवार, बुधवार व गुरुवार को आने वाला पुष्य नक्षत्र अत्यधिक शुभ होता है।
 ऋग्वेद में इसे मंगलकर्ता, वृद्धिकर्ता एवं आनंदकर्ता कहा गया है।
 
पुष्य नक्षत्र में खरीदी गई कोई भी वस्तु बहुत लंबे समय तक उपयोगी रहती है, शुभ फल प्रदान करती है, क्योंकि यह नक्षत्र स्थाई होता है।
 
हर महीने में पुष्य नक्षत्र का शुभ योग बनता है।
 
दीपावली के पहले आने वाला पुष्य नक्षत्र सबसे खास माना जाता है। 
 
चंद्र वर्ष के अनुसार महीने में एक दिन चंद्रमा पुष्य नक्षत्र के साथ संयोग करता है। इस मिलन को अत्यंत शुभ कहा गया है।
 
पुष्य नक्षत्र के देवता बृहस्पति हैं और स्वामी शनि हैं। 
webdunia

पुष्य नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोग सर्वगुण संपन्न, भाग्यशाली तथा अतिविशिष्ट होते हैं। 
 
पुष्य नक्षत्र के सिरे पर बहुत से सूक्ष्म तारे हैं जो कांति घेरे के अत्यधिक समीप हैं। 
 
मुख्य रूप से इस नक्षत्र के तीन तारे हैं जो एक तीर (बाण) की आकृति के समान आकाश में दिखाई देते हैं। इसके तीर की नोक कई बारीक तारा समूहों के गुच्छ (पुंज) के रूप में दिखाई देती है।
 
आकाश में इसका गणितीय विस्तार 3 राशि 3 अंश 20 कला से 3 राशि 16 अंश 40 कला तक है। 
 
पुष्य नक्षत्र पर गुरु, शनि और चंद्र का प्रभाव होता है इसलिए  सोना, चांदी, लोहा, बही खाता, परिधान, उपयोगी वस्तुएं खरीदना और बड़े निवेश आदि अत्यंत शुभ माने जाते हैं। इस नक्षत्र के देवता बृहस्पति हैं जिसका कारक सोना है। स्वामी शनि है अत: लोहा और चंद्र का प्रभाव रहता है इसलिए चांदी खरीदते हैं। स्वर्ण, लोहा  (वाहन आदि) और चांदी की वस्तुएं खरीदी जा सकती है।
हमारी भारतीय संस्कृति पूर्ण रूप से प्रकृति से जुड़कर दैनिक प्रक्रिया करने की सलाह देती है। वर्ष के सभी पुष्य नक्षत्रों में कार्तिक पुष्य नक्षत्र का विशेष महत्व है, क्योंकि इसका संबंध कार्तिक मास के प्रधान देवता भगवान लक्ष्मी नारायण से है।
 
इस दिन नवीन बही-खाते एवं लेखन सामग्री शुभ मुहूर्त में क्रय करके उन्हें व्यापारिक प्रतिष्ठान में स्थापित करना चाहिए। 
 
इसके अलावा स्वर्ण, रजत, बहुमूल्य रत्न, आभूषण आदि भी क्रय करना चाहिए। इस दिन जो कीमती वस्तुएं क्रय की जाती हैं, वे वर्षभर लाभकारी होती हैं। 
 
कार्तिक पुष्य नक्षत्र के दिन अपने आराध्य देव, कुलदेवता का पूजन करना चाहिए। इस वर्ष पुष्य नक्षत्र पूरे दिन होने से दिनभर खरीदी की जा सकती है।
webdunia
webdunia

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

दीपावली पर इस तरह करेंगे दहलीज़ की पूजा तो माता लक्ष्मी आएंगी आपके द्वार