शनिदेव की पूजा, ध्यान, दर्शन को लेकर कई प्रकार की मान्यताएं और भ्रांतियां हैं। ऐसा माना जाता है कि शनिदेव की मूर्ति के दर्शन करते समय उनके नेत्रों के दर्शन न कर उनके चरणों की ओर देखना चाहिए।
दर्शन इस प्रकार किए जाएं की शनि की सीधी दृष्टि आप पर न पड़े। अगर शनि के नेत्रों के दर्शन कर लिए जाएं तो क्या किसी प्रकार का दोष लगता है? शनि के नेत्र दर्शन करने पर क्या उपाय करने चाहिए? इन्हीं सभी सवालों के जवाब दे रहे हैं शनि साधक दादू महाराज। इन्हीं महत्वपूर्ण सवालों के जवाब जानने के लिए देखें वीडियो-
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सुधीर शर्मा
सुधीर शर्मा विश्व के प्रथम हिन्दी न्यूज पोर्टल वेबदुनिया में सीनियर सब एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। इनके पास मीडिया और डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में 20 से अधिक वर्षों का व्यापक अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नईदुनिया से प्रूफ रीडर के रूप में की। 2012 से....
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