rashifal-2026

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राशिफल

मीन
चंद्र राशि के अनुसार मीन राशि की कुंडली में वर्ष 2026 में बृहस्पति क्रम से 4थे भाव में, फिर जून से 5वें भाव में और अंत में इस वर्ष 6ठे भाव में गोचर करेगा। चौथा भाव सुख, शांति, गृहस्थ और संपत्ति का भाव है। पांचवां भाव संतान, प्रेम और शिक्षा का और छठा भाव रोग, शत्रु और कर्ज का भाव होता है। यदि हम शनिदेव की बात करें तो यह पूरे वर्ष आपकी कुंडली के प्रथम भाव में रहेंगे जबकि राहु एवं केतु क्रमश: द्वादश और छठे भाव में विराजमान रहेंगे। इस वक्त शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है। वर्ष 2026 मीन राशि के नौकरी, व्यापार और शिक्षा के लिहाज से अधिकतम समय छठे भाव में केतु रहेगा, जिसके चलते ईमानदारी और समय पर काम पूरा करने से ही आप वरिष्ठों की नजरों में अपनी अच्‍छी छवि बना पाएंगे। मई के अंत तक नौकरी के मामले में यदि आप कड़ी मेहनत करते हैं तो आने वाला समय गोल्डन रहेगा। बृहस्पति पंचम भाव में रहकर नौकरी की स्थिति को और मजबूत करेगा और आय बढ़ाएगा। पदोन्नति के योग भी बनेंगे। यह वर्ष नौकरी के संबंध में नए रास्ते अपनाना फलदायी साबित होगा। लग्न में बैठे शनि की दृष्टि दशम अर्थात कर्म और सप्तम अर्थात दांपत्य जीवन और कारोबारी भाव पर होने से मंदी आ सकती है, काम धीमा हो सकता है, और मनचाहे परिणाम के लिए अधिक समय और कड़ी मेहनत लगेगी। आपको किसी भी तरह का जोखिम लेने से बचना होगा। मई तक कड़ी मेहनत करेंगे तो जून से शानदार समय प्रारंभ होगा। आप अच्छी डील कर सकते हैं। जून से बृहस्पति साथ देगा। चतुर्थ और पंचम भाव के बृहस्पति से आपको पढ़ाई में मदद मिलती रहेगी। प्राथमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, और पेशेवर कोर्स कर रहे छात्रों को सफलता मिलेगी। हालांकि आपको अपनी सेहत का ध्यान रखना होगा तभी आप शिक्षा में बेहतर कर पाएंगे क्योंकि शनि और राहु की स्थिति सेहत बिगाड़ने का कार्य कर रही है। इसलिए अभी से ही सेहत को लेकर सतर्क रहें। दांपत्य, परिवार और लव लाइफ की बात करें तो कठिन परिस्थितियां आने पर भी परिवार का वातावरण वैसा ही बना रहेगा क्योंकि चतुर्थ भाव में बृहस्पति विराजमान है। हालांकि शनिदेव आपके व्यवहार को क्रोधी या जिद्दी बना सकते हैं इसलिए यदि परिवार में कोई समस्या खड़ी हुई तो उसका कारण आप ही रहेंगे। वर्ष के अंतिम भाग में गुरु की दृष्टि दूसरे भाव पर होने से मांगलिक कार्य के योग बनेंगे और रिश्ते मजबूत होंगे। वैवाहिक जीवन के लिए साल थोड़ा कमजोर रह सकता है क्योंकि पूरे वर्ष शनि की दृष्टि सप्तम भाव पर रहेगी। छोटी बातों को बड़ा रूप न लेने दें। समस्याओं को तुरंत खत्म करें और जिद को स्थान न दें। दूसरी ओर जून से अक्टूबर के बीच की अवधि विवाह और सगाई के लिए काफी अच्छी रहेगी। इस समय गुरु पंचम भाव में होकर विवाह कराने में मदद करेंगे। संतान को लेकर आप निश्चिंत रहें क्योंकि चतुर्थ और पंचम भाव का बृहस्पति संतान की सेहत और करियर में मदद कर सकता है। हालांकि नव दंपत्ति को संतान सुख में थोड़ी देरी हो सकती है। यदि किसी के साथ प्रेम में नहीं हैं तो गुरु के पंचम भाव में होने पर किसी खास व्यक्ति से मुलाकात होने की संभावना है जो आपसे सच्चा प्रेम करेगा और जिसके प्रति आप आकर्षित होंगे। प्रेम संबंधों को लेकर यह वर्ष बहुत अच्छा साबित होगा। सभी तरह की गलतफहमियां दूर होगी। जून से अक्टूबर के बीच की अवधि विवाह में बंधने के लिए अच्‍छी है। इस वर्ष आपके आर्थिक हालात और निवेश के बारे में कहा जाए तो लाभ भाव के स्वामी शनि का लग्न अर्थात प्रथम भाव गोचर आय में किसी भी प्रकार की रुकावट पैदा नहीं करेगा। पंचम भाव में बृहस्पति का गोचर आय भाव पर दृष्टि डालेगा तब जून से आय में बढ़ोतरी होना प्रारंभ होगी। हालांकि आप बचत करने में सफल नहीं हो पाएंगे। इसलिए आय के लिहाज से यह वर्ष औसत माना जा सकता है। रियल एस्टेट, भूमि और अचल संपत्ति में निवेश करना सबसे अच्छा साबित होगा। हालांकि सोना खरीदना भी शुभ होगा। शेयर बाजार में जोखिम उठाने की क्षमता रखते हैं तो ही निवेश करें। आपको वर्ष की शुरुआत से ही बचत और सेहत पर ध्यान देना होगा। अन्यथा आर्थिक हालात सामान्य ही बने रहेंगे। इसके लिए आपको अपने कार्य को लेकर गंभीर बनना होगा। लग्न का शनि और द्वादश भाव का राहु आपकी सेहत बिगाड़ सकता है। इससे वात दोष, पेट से जुड़े रोग, कब्ज, गैस, सुस्ती और थकान की शिकायत हो सकती है। पेट, सीने, अनिद्रा, बेचैनी या कमर या पैरों के निचले हिस्से से जुड़ी पुरानी शिकायत वाले जातकों को लापरवाही से बचना होगा। खानपान पर सख्ती से नियंत्रण करना होगा। खानपान और दिनचर्या उत्तम रखें। लापरवाही भारी पड़ सकती है। रोज कम से कम 15 मिनट पैदल चलना होगा। मीन राशि वर्ष 2026 को शुभ बनाने के लिए यह ज्योतिष उपाय अवश्य करें। 1. उपाय: 11 शनिवार को शाम को छाया दान करें और पीपल के पेड़ की जड़ पर तिल्ली के तेल का दीपक जलाएं। इसके अलावा गुरुवार को केले के पेड़ की जड़ में दूध अर्पित करें। 2. रत्न: वैसे आपकी राशि का पुखराज रत्न है। ज्योतिष की सलाह पर पुखराज पहन सकते हैं। 3. धातु: आप अपने गले में सोना धारण कर सकते हैं। 4. लकी नंबर: वैसे आपका लकी नंबर 3 है लेकिन इस वर्ष 7, 9, 12 और 15 भी शुभ माने जा रहे हैं। 5. लकी कलर: इस वर्ष हरा, पीला, लाल और नारंगी रंग आपका लकी रंग है। हमारी सलाह है कि अधिकतर समय आप पीला वस्त्र ही पहनें। 6. लकी मंत्र: ॐ बृं बृहस्पतये नम: और ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः। 7. लकी वार: आपका लकी वार गुरुवार वार है और आपको गुरुवार का ही उपवास करते रहना चाहिए। 8. सावधानी: आपको क्रोध और जिद को छोड़कर जीवनसाथी की भावना और उसकी सेहत का ध्यान रखना होगा। घर परिवार के प्रति जिम्मेदार बनना होगा।