वृषभ
चंद्र राशि के अनुसार वृषभ राशि की कुंडली में वर्ष 2026 में बृहस्पति देव दूसरे, तीसरे और चौथे भाव में गोचर करेंगे। दूसरा भाव धन और कुटुंब, तीसरा भाव छोटे भाई-बहनों और पराक्रम, चौथा भाव परिवार सुख और संपत्ति का भाव है। हालांकि शनिदेव पूरे वर्ष आय के भाव एकादश में रहेंगे और दूसरी ओर, राहु और केतु क्रमश: 10वें और 4थे भाव में रहकर विषम परिस्थिति पैदा कर सकते हैं। वर्ष 2026 वृषभ राशि, नौकरी, व्यापार और शिक्षा के लिहाज से बृहस्पति के कारण नौकरी के हालात पहले से कहीं ज्यादा बेहतर होंगे। दूसरे, तीसरे और चौथे भाव के बृहस्पति की दृष्टि शनि और राहु पर रहेगी। इसके चलते एकादश भाव का शनि वेतन वृद्धि कर सकता है और दशम भाव का राहु पदोन्नति के योग बनाएगा। हालांकि शनि आपको कड़ी मेहनत भी कराएगा। बृहस्पति के प्रभाव वाला कुंभ राशि का राहु दशम भाव में रहकर आपके व्यापार में आपको लाभ देगा, लेकिन यदि आप अपना व्यवहार खराब बनाकर रखेंगे तो शनि के कारण आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है। बेहतर योजना के साथ काम करेंगे तो शनि मुनाफा बढ़ा देगा। हालांकि कर्म स्थान के स्वामी लाभ भाव में रहेंगे जो कि एक बहुत अच्छी स्थिति कही जाएगी। ऐसे में, यह आपकी मेहनत के अनुरूप अच्छा लाभ दिला सकते हैं। एकादश भाव के शनि की पंचम भाव पर दृष्टि है जिसके चलते आपको पढ़ाई में कई तरह की चुनौती का सामना करना पढ़ सकता है लेकिन यदि आपने पढ़ाई पर फोकस रखा तो यही शनि लाभ भी दे सकता है। शोध से जुड़े छात्रों को बृहस्पति की कृपा से काफ़ी अच्छे परिणाम मिलने की संभावना है। हालांकि जो छात्र प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं उनके लिए साल अच्छा है। वर्ष 2026 वृषभ राशि, दांपत्य, परिवार और लव लाइफ के हिसाब से
दूसरे भाव का बृहस्पति कुटुंभ, तीसरे भाव का भाई बहन और चौथे भाव का शनि माता से संबंधों को सकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। घर परिवार में सुख, शांति और समृद्धि बढ़ेगी। हालांकि केतु की चौथे भाव में स्थिति के कारण परिवार में किसी बात को लेकर मतभेद बढ़ सकते इसलिए संयम से काम लें। तीसरे भाव का बृहस्पति दांपत्य जीवन को सुखमय बनाएगा। यदि पति पत्नी के बीच किसी भी प्रकार के मतभेद होंगे तो दूर हो जाएंगे। हालांकि आपको चतुर्थ भाव के केतु के उपाय जरूर करना चाहिए। वृषभ राशि के पुरुष यदि अविवाहित हैं तो इस वर्ष विवाह बंधन में बंध सकते हैं। एकादश भाव के शनि की पंचम भाव पर दृष्टि के चलते संतान को लेकर आप चिंतित रह सकते हैं। यदि आपकी संतान है तो आप उसकी पढ़ाई पर विशेष ध्यान दें और उसके प्रति अपनी जिम्मेदारी के प्रति लापरवाह न रहें। एकादश भाव के शनि की पंचम भाव पर दृष्टि के चलते प्रेम संबंधों को लेकर आपको सतर्क रहने की जरूरत है। छोटी-मोटी गलतफहमियां दूरी बढ़ा सकती है। वर्ष 2026 वृषभ राशि के आर्थिक हालात और निवेश के लिहाज से शनिदेव आपकी कुंडली के आय भाव में और छाया ग्रह राहु कर्म भाव में हैं। दूसरी ओर बृहस्पति धन भाव में है। बृहस्पति की दृष्टि राहु पर है और जब बृहस्पति तीसरे भाव में होगा तो उसकी दृष्टि शनि पर होगी। इसका अर्थ है कि आय में आ रही रुकावट बृहस्पति देव दूर करेंगे। आर्थिक दृष्टि के लिहाज से यह साल अच्छा है, लेकिन आपको शनि की पंचम भाव पर दृष्टि से बचकर रहना होगा। आपको गोल्ड या मकान में से कुछ भी एक में निवेश करना चाहिए। हालांकि चतुर्थ भाव का बृहस्पति जमीन जायदाद देता है। आपको अभी से ही बचत पर ध्यान देकर, उस बचत का हिस्सा अपनी संतान की शिक्षा पर खर्च करना होगा। दूसरा यह कि नौकरी या व्यापार में आपको बड़ी प्लानिंग के साथ कार्य करना होगा अन्यथा शनि और राहु मिलकर आपको धोखा दे सकते हैं। वर्ष 2026 में वृषभ राशि वालों की सेहत के मामले में यह वर्ष उतार चढ़ाव वाला रह सकता है। शनि और राहु के कारण सेहत खराब हो सकती है। हालांकि दूसरे भाव का बृहस्पति सेहत सुधारने का काम भी करेगा। सिरदर्द, दांत दर्द और उच्च रक्तचाप से संबंधित कोई रोग हो सकता है। आपको शराब, मांस, अंडा और स्ट्रीट फूड से दूर रहना होगा। फ्रीज में रखी हुई चीजों का सोच समझकर सेवन करें। अत्यधिक नमक का सेवन न करें, संतुलित आहार लें और प्रतिदिन सुबह या रात में पैदल चलने का अभ्यास करें। वृषभ राशि वर्ष 2026 में यह ज्योतिष उपाय अवश्य करें। 1. उपाय: प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें, शनिवार के दिन दिव्यांगों को भोजन कराएं, बुधवार के दिन कन्या भोज कराएं और गुरुवार के दिन मंदिर में पीले फल का दान करें। 2. रत्न: वैसे आपकी राशि का रत्न हीरा है लेकिन ज्योतिष की सलाह पर ओपल पहन सकते हैं। 3. धातु: आप अपने गले में चांदी धारण कर सकते हैं। 4. लकी कलर: लकी कलर सफेद, हरा और गुलाबी है। काले रंग से बचकर रहें। 5. लकी मंत्र: हर गुरुवार और शुक्रवार को लक्ष्मी नारायण मंत्र और विष्णु सहस्रनाम का जाप करें। 6. लकी वार: वैसे आपका लकी वार शुक्रवार है लेकिन वर्ष 2026 में आपको शनिवार का उपवास करते रहना चाहिए। 7. सावधानी: कभी भी किसी को उधार न दें और छल से कोई कार्य न करें। 8. लकी नंबर: इस वर्ष आपका लकी नंबर 5, 6 और 8 है।