सिंह
चंद्र राशि के अनुसार सिंह राशि की कुंडली में वर्ष 2026 में बृहस्पति क्रम से पहले 11वें भाव में, फिर जून से 12वें भाव में और फिर प्रथम भाव में गोचर करेगा। 11वां भाव आय भाव, 12वां भाव व्यय, विदेश और मोक्ष का भाव और प्रथम भाव स्वभाव और शरीर का होता है। अब यदि शनिदेव की बात करें तो यह पूरे वर्ष आपकी कुंडली के अष्टम भाव में रहेंगे और राहु एवं केतु क्रमश: सप्तम और प्रथम भाव में रहेंगे। वर्ष 2026 सिंह राशि, नौकरी, व्यापार और शिक्षा के हिसाब से छठे भाव के स्वामी शनि अष्टम भाव में हैं। कड़ी मेहनत के बाद संतोषप्रद परिणाम मिलेंगे। लक्ष्यों को पूरा करने में सक्षम होंगे। सहकर्मियों से तालमेल बनाए रखें और निंदा या चुगली से बचें। हालांकि एकादश भाव का बृहस्पति पंचम और द्वादश भाव का बृहस्पति अष्टम भाव पर दृष्टि डालकर आपकी नौकरी को संभाल लेगा। सप्तम भाव के राहु और लग्न के केतु के कारण निर्णय क्षमता प्रभावित होगी और साझेदारी के कारोबार में नुकसान हो सकता है। जोखिम लेने की प्रवृत्ति बढ़ेगी। 2026 का पहला भाग (जून तक) व्यापार के लिए मिलाजुला होने के बावजूद बेहतर है, जबकि दूसरा भाग कमजोर रहने का अनुमान है। बड़े और जोखिम भरे निर्णय 02 जून से पहले लें। एकादश भाव और प्रथम भाव का बृहस्पति शिक्षा में शुभ परिणाम देगा, परंतु बीच में द्वादश भाव का बृहस्पति शिक्षा में रुकावट डाल सकता है। लग्न का गुरु उच्च शिक्षा के लिए शुभ। कानून और फाइनेंस की पढ़ाई करने वाले छात्रों तथा शोधार्थियों को सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। द्वादश भाव का बृहस्पति विदेश और दूरस्थ शिक्षा के लिए शुभ है। स्वास्थ्य पर ध्यान दें और कड़ी मेहनत करें। माथे पर प्रतिदिन हल्दी, चंदन या केसर का तिलक लगाएं। दांपत्य, परिवार और लव लाइफ की बात करें तो अष्टम शनि की दृष्टि दूसरे भाव पर रहने के कारण छोटी-छोटी बातें बड़ी बन सकती हैं। 2 जून तक पारिवारिक जीवन में कोई बड़ी समस्या नहीं आएगी। इसके बाद समस्या आ सकती है। पारिवारिक जीवन कमज़ोर, जबकि गृहस्थ से संबंधित मामले जैसे सुख सुविधाएं अनुकूल रहेंगी। दांपत्य जीवन के लिए यह वर्ष मिलाजुला रहेगा। रिश्ते में लापरवाही न बरतें। समस्याओं को शांति से और ईमानदारी से सुलझाएं। हालांकि जो लोग अविवाहित हैं जून तक उनके रिश्ते तय होने, सगाई होने का विवाह होने के योग हैं। शनि और बृहस्पति की पंचम भाव पर दृष्टि होने से संतान के मामले में मिलाजुला प्रभाव रहेगा। बेहतर होगा कि आप अपनी संतान को लेकर जिम्मेदारी से काम लें। 2026 में संतान को गुरु का साथ मिलेगा, लेकिन शनि की दृष्टि के कारण उसके करियर को गंभीरता से लेना जरूरी है। सिंह राशि वालों का प्रेम जीवन वर्ष 2026 में काफ़ी हद तक अच्छा रहेगा, लेकिन शनि के प्रभाव के कारण कुछ बातों का ध्यान रखना होगा। शनि की दशम दृष्टि पंचम भाव पर जो रिश्ते गंभीर और सच्चे हैं, उन्हें शनि परेशान नहीं करेंगे लेकिन जिद या लापरवाही के कारण ब्रेकअप हो सकता है। हालांकि एकादश भाव के बृहस्पति की पंचम पर दृष्टि है जो ब्रेकअप से बचाएगी। आपके इस वर्ष आर्थिक हालात और निवेश के बारे में कहा जाए तो बृहस्पति का गोचर आय के भाव में है। जून तक शानदार समय। कार्यों में सफलता और उपलब्धियां प्राप्त होंगी। आर्थिक जीवन के लिए सबसे मज़बूत अवधि। जून से अक्टूबर तक खर्चों में वृद्धि होगी और भागदौड़ अधिक रहेगी। विदेश या जन्म स्थान से दूर रहने वालों के लिए अच्छी कमाई होगी। अक्टूबर के बाद फिर से समय अच्छा लौटेगा। आपको भूमि, प्लाट या फ्लैट में निवेश करना चाहिए। शेयर बाजार में सोच समझकर निवेश करना होगा। यदि आप मार्केट की समझ रखते हैं तो जोखिम लेने में कोई बुराई नहीं। राहु और केतु मिलकर आपको भटकाएंगे या दिमाग में भ्रम पैदा करेंगे। मानसिक तनाव देंगे और खूब खर्च कराएं। दांपत्य जीवन को अस्थिर कर सकते हैं। इसलिए आपको अभी से योजना बनाकर काम करना होगा। फालतू के खर्चों पर लगाम लगाकर संकट काल के लिए पैसा बचाकर रखना होगा। वर्ष 2026 में लग्न पर राहु-केतु का प्रभाव और शनि अष्टम भाव में शनि का गोचर सेहत बिगाड़ सकता है। वर्ष का पहला हिस्सा बेहतर रहेगा। समस्याएं कम होगी, सावधानी से स्वास्थ्य अच्छा बनाए रख सकते हैं। दूसरा हिस्सा अच्छा नहीं रहेगा। मस्तिष्क, कमर, जननांगों या गैस संबंधी समस्याओं वाले लोगों को अत्यधिक सावधानी बरतनी होगी। वाहन सतर्कता से चलाएं। प्रत्येक काम धैर्य के साथ करें, जल्दबाजी से बचें, अन्यथा चोट-खरोच लग सकती है। खानपान पर विशेष ध्यान दें। शराब, अंडे और मांस से दूर रहें। बासी भोजन भी नहीं करें। नियमित रूप से पैदल चलें और रात का खाना डॉक्टर की सलाह से ही खाएं। सिंह राशि वर्ष 2026 को शुभ बनाने के लिए निम्न ज्योतिष उपाय करें। 1. उपाय: माथे पर प्रतिदिन हल्दी, चंदन या केसर का तिलक लगाएं और प्रतिदिन सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित करें। 2. रत्न: वैसे आपकी राशि का रत्न माणिक्य है लेकिन ज्योतिष की सलाह पर मोती भी पहन सकते हैं। 3. धातु: आप अपने गले में चांदी धारण कर सकते हैं। 4. लकी कलर: लकी कलर नारंगी, सुनहरा और लाल है। हमारी सलाह है कि अधिकतर समय नारंगी पहनें। 5. लकी मंत्र: ॐ विष्णवे नम: या ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमो नमः: 6. लकी वार: वैसे आपका लकी वार रविवार है लेकिन वर्ष 2026 में आपको मंगलवार या गुरुवार का उपवास करते रहना चाहिए। 7. सावधानी: क्रोध न करें और अपने गृहस्थ जीवन के प्रति जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और प्रेम की भावना से काम लें। मकान खरीदने या बनाना का कार्य इस साल न करें। 8. लकी नंबर: वैसे आपका लकी नंबर 5 है लेकिन इस वर्ष 1, 3 और 9 भी रहेगा।