कन्या
चंद्र राशि के अनुसार कन्या राशि की कुंडली में वर्ष 2026 में बृहस्पति क्रम से पहले 10वें भाव में, फिर जून से 11वें भाव में और फिर 12वें भाव में गोचर करेगा। 10वां भाव कर्म का, 11वां भाव आय भाव और 12वां भाव व्यय, विदेश और मोक्ष का भाव होता है। यदि हम शनिदेव की बात करें तो यह पूरे वर्ष आपकी कुंडली के सप्तम भाव में रहेंगे जबकि राहु एवं केतु क्रमश: छठे और बारहवें भाव में विराजमान हैं। कुंडली में राहु और गुरु ही तारणहार होगा। वर्ष 2026 में आपकी नौकरी, व्यापार और शिक्षा की बात करें तो छठे भाव के राहु के कारण मुश्किल काम आसानी से होंगे और लाभ मिलेगा लेकिन यह सफलता अस्थिर हो सकती है। दसवें भाव के बृहस्पति के कारण नौकरी में आपको कठिन परीक्षा या बड़ी जिम्मेदारी से गुजरना होगा। हालांकि राहु और बृहस्पति का प्रभाव सफलता दिलाएगा। बृहस्पति का जब एकादश भाव में गोचर होगा तो शानदार समय प्रारंभ होगा, तब इंक्रीमेंट के योग बनेंगे। मई तक आपको व्यापार में सावधानी से कार्य करना होगा। इसके बाद व्यापार से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले ले सकते हैं। धैर्यपूर्वक काम करते हुए सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। हालांकि जून से बृहस्पति के एकादश भाव में जाने से उत्तम समय प्रारंभ होगा। कार्यों में सफलता हासिल करेंगे और लाभदायक सौदे कर सकेंगे। अक्टूबर के बाद जोखिम लेने से बचें। शनि और राहु के कारण कड़ी मेहनत के बाद ही सफलता मिलेगी। पढ़ाई में सफलता आपके स्वास्थ्य पर निर्भर होगी। 10वें भाव का बृहस्पति पेशेवर कोर्स करने वाले छात्रों को अधिक मेहनत कराएगा लेकिन परिणाम अच्छे रहेंगे। जून में एकादश भाव के बृहस्पति पढ़ाई में हर तरह का सहयोग करेंगे। हालांकि अक्टूबर के बाद समय मुश्किलों भरा रह सकता है। इसलिए अभी से ध्यान देना प्रारंभ कर दें। 2026 शिक्षा के लिए काफ़ी हद तक अच्छा रह सकता है, खासकर मध्य वर्ष में। लगातार प्रयास करते रहें और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें। इस साल आपका दांपत्य जीवन, परिवार और लव लाइफ में बृहस्पति के कारण पूरे वर्ष अच्छे परिणाम मिलेंगे। बृहस्पति की दृष्टि से सौहार्द और सामंजस्य बढ़ेगा। किसी बड़ी समस्या के योग नहीं हैं। हालांकि पूरे वर्ष शनि की दशम दृष्टि 4थे भाव पर रहेगी जो थोड़ी बहुत समस्या पैदा कर सकता है लेकिन गुरु ग्रह गृहस्थ जीवन के लिए सुरक्षा कवच का काम करेंगे। पूरे वर्ष सप्तम भाव में शनि की उपस्थिति के कारण दांपत्य जीवन थोड़ा कमज़ोर रह सकता है। असंतोष या जीवनसाथी की सेहतनाजुक रहने की संभावना है। पूरे वर्ष एक-दूसरे की सेहत और भावनाओं का ख्याल रखें, ताकि शनि के अशुभ प्रभाव को कम किया जा सके। जून से बृहस्पति के कारण सगाई या विवाह से जुड़े मामलों को आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी। इस वर्ष संतान सुख प्राप्त हो सकता है। संतान को लेकर जो चिंता चली आ रही थी वो दूर होगी। हालांकि संतान के करियर पर आपको और अधिक ध्यान देने की जरूरत है। सातवें भाव के शनि के कारण लव रिश्ते में गंभीरता बनाए रखें। लापरवाही बरतने वालों के रिश्ते में खटास आ सकती है। सीमाओं में रहकर रिश्ता निभाएं और बेकार की जिद से बचें। हालांकि जून में एकादश भाव में जब बृहस्पति का गोचर होगा तब प्रेम विवाह के इच्छुक जातकों को प्रयास करने पर सफलता मिल सकती है। आर्थिक हालात और निवेश कल लिहाज से यह समय धन भाव के स्वामी और गुरु की स्थिति से आर्थिक जीवन काफी बेहतर रहेगा। मेहनत करने पर और भी अच्छे परिणाम मिलेंगे। धन-धान्य बढ़ाने में मददगार साबित होगी। धन का खर्च अच्छे कामों में होगा। जून से सबसे उत्तम समय प्रारंभ होगा। यह समय आपको अच्छा-खासा लाभ प्रदान करेगा। पर्याप्त बचत करने में सक्षम होंगे। व्यर्थ के खर्च सामने आ सकते हैं। यदि आप कहीं निवेश का सोच रहे हैं तो लंबी अवधि की योजना में निवेश करें या फिर सोना खरीद सकते हैं। प्रॉपर्टी खरीदना भी शुभ रहेगा। साल का मध्य भाग (जून से अक्टूबर) आर्थिक रूप से सर्वोत्तम रहेगा। शनि की स्थिति अनुकूल न होने पर आपको अभी से ही बचत का प्लान बनाना होगा, क्योंकि शनि के कारण संकट आ सकते हैं। हालांकि गुरु के उपाय करेंगे तो संकट से बच जाएंगे। वर्ष 2026 में आपके शनि की सप्तम दृष्टि लग्न भाव पर है जो सेहत बिगाड़ सकती है। सुस्ती, थकावट, शरीर और जोड़ों में दर्द जैसी समस्याएं बनी रह सकती हैं। जिन्हें सांस लेने में तकलीफ, फेफड़ों की परेशानी है वे विशेष ध्यान रखें। हालांकि जून में बृहस्पति का एकादश भाव में गोचर तुलनात्मक रूप से बेहतर परिणाम देगा। आलस हावी न होने दें। खानपान संतुलित रखें और धैर्य पूर्वक जीवन व्यतीत करें। खाते वक्त ध्यान रखें कि क्या खा रहे हैं और इसे खाने से कहीं नुकसान तो नहीं होगा। पैदल चलें, योग या व्यायाम को नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। 2026 में स्वास्थ्य के प्रति लगातार जागरूक रहना होगा। कन्या राशि के लिए वर्ष 2026 हेतु ये ज्योतिष उपाय लाभकारी साबित होंगे। 1. उपाय: शनिवार के दिन शाम को शनि मंदिर में छाया दान करें। बुधवार के दिन कन्याओं को भोजन कराएं या गोशाला में गायों को हरा चारा खिलाएं। 2. रत्न: वैसे आपकी राशि का रत्न नीलम है। ज्योतिष की सलाह पर ही इसे पहन सकते हैं। 3. धातु: आप अपने गले में सोना या चांदी धारण कर सकते हैं। 4. लकी नंबर: वैसे आपका लकी नंबर 5 है लेकिन इस वर्ष 3 और 9 भी रहेगा। 5. लकी कलर: हरा, नीला, पीला और सफेद हैं। हमारी सलाह है कि अधिकतर समय पीले वस्त्र ही पहनें। 6. लकी मंत्र: ॐ गं गणपतये नमः और ॐ दुर्ग दुर्गाय नमः:। 7. लकी वार: वैसे आपका लकी वार बुधवार है लेकिन वर्ष 2026 में आपको गुरुवार का उपवास करते रहना चाहिए। 8. सावधानी: अपने जीवनसाथी से संबंध को मधुर बनाकर रखें और उसकी सेहत पर विशेष ध्यान दें।