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राशिफल

वृश्चिक
चंद्र राशि के अनुसार वृश्चिक राशि की कुंडली में वर्ष 2026 में बृहस्पति क्रम से 8वें भाव में, फिर जून से 9वें भाव में और अंत में इस वर्ष 10वें भाव में गोचर करेगा। 8वां भाव अचानक लाभ या हानि, और छिपे हुए रहस्यों का, 9वां भाव भाग्य और धर्म का भाव और 10वां भाव कर्म का होता है। यदि हम शनिदेव की बात करें तो यह पूरे वर्ष आपकी कुंडली के पंचम भाव में रहेंगे जबकि राहु एवं केतु क्रमश: चतुर्थ और दशम भाव में विराजमान रहेंगे। वर्ष 2026 वृश्चिक राशि, नौकरी, व्यापार और शिक्षा शनि पांचवें और केतु 10वें भाव में रहकर कार्य के प्रति आपको लापरवाही कर सकता है और ध्यान भटका सकता है जिसके चलते वरिष्ठों की नजरों में आपकी छवि धूमिल हो सकती है। नकारात्मक लोगों और गप्पे मारने वाले सहकर्मियों से दूर रहें। मन लगाकर काम करें और घर की समस्या घर तक ही सीमित रखें। यदि केतु के उपाय करते हैं तो सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। वृश्चिक राशि वालों के लिए वर्ष 2026 व्यापार में ठीक-ठाक रहेगा। बेहतर परिणामों के लिए निर्णय क्षमता और सही मार्गदर्शन पर ध्यान देना होगा। जोखिम उठाने से बचें। हालांकि वर्ष के अंत तक गुरु ग्रह की स्थिति, परिस्थितियों को संभालने में काफी हद तक सहयोग करेगी। कारोबार को बेहतर बनाने के लिए आपको शनि के उपाय करना चाहिए। पंचम का शनि और चतुर्थ भाव का राहु शिक्षा में रुकावट पैदा कर सकते हैं। ध्यान केंद्रित करने में समस्या पैदा होगी। मित्रों का खास सहयोग नहीं मिलने के कारण चुनौती खड़ी हो सकती है। हालांकि जो छात्र पूरे वर्ष लगातार पढ़ाई करेंगे, उन्हें सफलता मिल सकती है। परीक्षा के कुछ समय पहले पढ़ने का प्लान बनाना असफल कर सकता है। अभी से सतर्क हो जाएंगे और माथे पर रोज केसर का तिलक लगाएं और सेहत का विशेष ध्यान रखें। वर्ष 2026 में दांपत्य, परिवार और लव लाइफ के बारे में जानें तो शनि और राहु के कारण घर-परिवार में छोटे-मोटे विवाद और अनबन हो सकती है। समझदारी से काम लेने पर समस्याओं का अंत होगा। कोई बड़ी परेशानी नहीं आएगी। हालांकि बृहस्पति ग्रह गृहस्थ जीवन की समस्याओं को नियंत्रित करेंगे। फिर भी संयम और समझदारी से काम लें। दांपत्य जीवन में समस्याएं आ सकती है। सावधानी बरतनी होगी। मूड बदलने और साथी से बहस होने की आशंका। रिश्ते में बेरुखी आ सकती है। कुछ सावधानियों को अपनाकर वैवाहिक जीवन को संतुलित बनाए रख सकते हैं। हालांकि बृहस्पति का गोचर समस्याएं दूर करने में सहयोग करेगा। अविवाहित हैं तो वर्ष के मध्य में विवाह के योग बन सकते हैं। संतान सुख की आशा नहीं कर सकते हैं। यदि आपकी कोई संतान है तो पंचम का शनि संतान को कष्ट दे सकता है। इसका अर्थ है कि संतान की सेहत और उसके करियर को लेकर आप सतर्क रहें। पंचम भाव में शनि का गोचर आपके प्रेम संबंधों को लेकर ठीक नहीं माना जा सकता है। हालांकि सच्चे प्रेम करने वालों की शनि सहायता करेंगे और लापरवाह लोगों का ब्रेकअप करवा सकते हैं। नौकरी या अन्य कारणों से साथी के लिए समय निकालना मुश्किल होगा। प्रेम संबंधों को लेकर इस वर्ष परिणाम औसत ही रहेंगे। आर्थिक हालात और निवेश को लेकर यह साल आय के मामले में यह वर्ष मध्यम रह सकता है। आप कड़ी मेहनत करेंगे तभी अच्छी उपलब्धियां प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि अष्टम भाव और नवम भाव का बृहस्पति मदद कर सकता है। बृहस्पति के कारण पैतृक संपत्ति से लाभ मिल सकता है। आपको सोच समझकर निवेश करना होगा वर्ना धोखा हो सकता है। बेहतर होगा कि आप सोना या चांदी में निवेश करें क्योंकि यह सुरक्षित है। हमारी सलाह है कि यदि आप बचत पर ध्यान देकर पूरे वर्ष बजट बनाकर कार्य करते हैं तो आर्थिक हालात स्थिर रह सकते हैं। अन्यथा पंचम का शनि और चतुर्थ का राहु व्यर्थ का खर्च करवाता रहेगा। इस वर्ष पंचम भाव का शनि और चतुर्थ भाव का राहु पेट से जुड़े रोग, हृदय, सीने, फेफड़ों या मानसिक सेहत को प्रभावित कर सकता है। खानपान का ध्यान रखें, उचित जीवनशैली अपनाएं। पहले से रोग से पीड़ित लोग सजग रहें और वाहन चलाते समय सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें। आपको ज्यादा ऑइली, नमक वाला और तामसिक भोजन से दूर रहकर नियमित रूप से सुबह सुबह पैदल चलना चाहिए। मानसिक सेहत के लिए ध्यान या प्राणायाम भी करना चाहिए। वर्ष 2026 में वृश्चिक राशि के लिए ज्योतिष उपाय निम्न रहेंगे। 1. उपाय: केसरिया तिलक लगाएं, शनिवार को पीपल के वृक्ष में जल अर्पित करके दीपक जलाएं। हनुमान चालीसा का पाठ करते रहें। 2. रत्न: वैसे आपकी राशि का रत्न मूंगा है। ज्योतिष की सलाह पर पुखराज पहन सकते हैं। 3. धातु: आप अपने गले में सोना या हल्दी की माला धारण कर सकते हैं। 4. लकी नंबर: वैसे आपका लकी नंबर 9 है लेकिन इस वर्ष 1 और 3 भी रहेगा। 5. लकी कलर: लाल, मेहरून और नारंगी। हमारी सलाह है कि अधिकतर समय नारंगी वस्त्र ही पहनें। 6. लकी मंत्र: वर्ष का लकी मंत्र ॐ हनुमते नमः या ॐ हं हनुमते नम:। 7. लकी वार: वैसे आपका लकी वार मंगलवार है लेकिन वर्ष 2026 में आपको गुरुवार का उपवास करते रहना चाहिए। 8. सावधानी: आपको संतान के प्रति लापरवाह नहीं रहना चाहिए। पंचम के शनि का उपाय करें।