राम मंदिर पर फैसला सुनाने वाले जजों को भी प्राण प्रतिष्ठा समारोह का न्योता
अदालत ने 9 नवंबर 2019 को सुनाया था अयोध्या मामले में ऐतिहासिक फैसला
Publish Date: Fri, 19 Jan 2024 (19:36 IST)
Updated Date: Fri, 19 Jan 2024 (19:45 IST)
Ram Mandir Pran Pratistha ceremony News: अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने वाली संविधान पीठ का हिस्सा रहे प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ सहित उच्चतम न्यायालय के 5 न्यायाधीशों को 22 जनवरी के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में राजकीय अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।
मौजूदा प्रधान न्यायाधीश चंद्रचूड़ के अलावा, तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और पूर्व प्रधान न्यायाधीश एसए बोबड़े, पूर्व न्यायाधीश अशोक भूषण और एस अब्दुल नजीर उस पीठ का हिस्सा थे, जिन्होंने 9 नवंबर 2019 को यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया था।
50 से अधिक न्यायविदों को न्योता : उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा समारोह में आमंत्रित किए गए 50 से अधिक न्यायविदों में पूर्व प्रधान न्यायाधीश, अन्य न्यायाधीश और शीर्ष वकील तथा रामलला के वकील के. परासरन भी शामिल हैं। सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता और पूर्व अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल भी आमंत्रित किये गए हैं।
मंदिर न्यास के अनुसार, राजनीतिक नेताओं, सेलिब्रिटी, उद्योगपति, संत सहित 7,000 से अधिक लोग समारोह में शामिल होने वाले हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विशेष सचिव (प्रोटोकॉल) द्वारा निमंत्रण भेजा गया है। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह 22 जनवरी को होना है। (भाषा)