EXCLUSIVE : अयोध्या के बाद काशी-मथुरा हमारे एजेंडे में, सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले भाजपा नेता विनय कटियार का बड़ा बयान

विकास सिंह

मंगलवार, 5 नवंबर 2019 (07:19 IST)
अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरे पूर्व सांसद विनय कटियार एक बार फिर आक्रामक रुख में दिखाई दे रहे हैं। 'वेबदुनिया' से खास बातचीत में हिन्दुत्व के फायर ब्रांड नेता विनय कटियार ने कहा कि अयोध्या के बाद अब काशी-मथुरा हमारे एजेंडे में हैं।
 
'वेबदुनिया' से एक्सक्लूसिव बातचीत में राम मंदिर आंदोलन के सबसे अधिक चर्चित चेहरों में शामिल दिग्गज नेता विनय कटियार कहते हैं कि आज सुप्रीम कोर्ट इस पूरे मामले पर अपना फैसला सुनाने जा रहा है तो फैसले की इस घड़ी में बहुत अच्छा और बढ़िया लग रहा है। वे आगे कहते हैं कि उनको पूरी उम्मीद हैं कि सुप्रीम कोर्ट से फैसला राम मंदिर के पक्ष में ही आएगा।
 
'वेबदुनिया' के इस सवाल पर कि क्या आज फैसले की घड़ी में राम मंदिर आंदोलन के नायक गुमनामी के अंधेरे में तो नहीं है? पर मंदिर आंदोलन के योद्धा और बजरंग दल के संस्थापक विनय कटियार कहते हैं कि चूंकि पूरा मामला अदालत में चल रहा है इसलिए सब शांत बैठे हैं और अब अदालत का जो भी निर्णय आएगा, वह सबको मान्य होगा।
 
वहीं पूरे विवाद पर हुई समझौते की कोशिश के कामयाब नहीं होने पर विनय कटियार कहते हैं कि अयोध्या विवाद का समझौते से कोई हल नहीं हो सकता था और अब इस पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से यह पूरा मुद्दा हल हो जाएगा।
 
वहीं इस सवाल पर कि अगर फैसला उनके पक्ष में नहीं आया तो क्या रुख होगा? के सवाल पर विनय कटियार कहते हैं कि पहले फैसला तो आने दीजिए, अभी इस पर कुछ नहीं कहा जा सकता है। हालांकि वे कहते हैं कि सब कुछ फैसले के बाद ही तय होगा।
 
भाजपा के पूर्व सांसद विनय कटियार का काशी और मथुरा को भाजपा के एजेंडे में बताने वाला बयान ऐसे समय आया है, जब अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले भाजपा और आरएसएस सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए फूंक-फूंककर कदम रख रही है।
 
पिछले दिनों दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले संघ और भाजपा के बड़े नेताओं में इस मुद्दे पर काफी चर्चा हुई और संघ ने अपनी तरफ से सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील भी कर दी है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पार्टी नेताओं को बयानबाजी से बचने की नसीहत दी थी।

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