Publish Date: Thu, 25 Aug 2011 (13:22 IST)Updated Date: Thu, 25 Aug 2011 (13:21 IST)
BBC
वैज्ञानिकों के एक नए अनुमान के अनुसार दुनिया में जीव-जंतुओं की करीब 87 लाख प्रजातियां हैं, लेकिन इनमें से कई की पहचान अभी भी बाकी है।
वैज्ञानिकों ने पेड़-पौधों की पत्तियों और शाखाओं के अध्ययन के बाद ये निष्कर्ष निकाला है और कहा है कि सभी प्रजातियों की पहचान करने में कम से कम एक हजार साल और लगेंगे।
वैज्ञानिकों की टीम का यह शोध जर्नल पीएलओएस बायोलॉजी में छपा है जिसमें चेतावनी दी गई है कि कई प्रजातियां जल्दी ही लुप्त हो जाएंगी। पृथ्वी पर विभिन्न प्रजातियों की संख्या का अनुमान लगाना एक बात है, लेकिन इस संख्या की प्रमाणिकता हमेशा संदेह में रही है।
पीएलओस बायोलॉजी में ही छपे एक लेख में रॉयल सोसायटी के पूर्व अध्यक्ष लॉर्ड रॉबर्ट में लिखते हैं, ‘मानवता का अपने प्रति प्यार तो देखिए कि हम यह बता सकते हैं कि अमेरिकी कांग्रेस की लाइब्रेरी में एक फरवरी 2011 के दिन, 22,194,656 किताबें हैं, लेकिन ये निश्चित रूप से नहीं कह सकते कि दुनिया में कितने प्रकार के जीव जंतु हैं।’
लेकिन अब लगता है कि हमारे पास लॉर्ड मे का जवाब आ गया है।
वैज्ञानिकों की शोध टीम के एक सदस्य डेरेड टिटेनसर ने बीबीसी न्यूज से कहा, ‘हम कई वर्षों से इस बारे में सोचते रहे हैं। हमने कई तरह के एप्रोच से इन नंबरों की जांच की, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। ये आखिरी मौका था और ये आखिरी उपाय जिसमें हमें सफलता मिल गई।’
डॉ. टिटेनसर संयुक्त राष्ट्र के पर्यावरण कार्यक्रम के विश्व संरक्षण मानिटरिंग केंद्र से जुड़े हैं और ब्रिटेन में रहते हैं। उन्होंने कनाडा की डलहौज़ी और हवाई यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के साथ मिलकर इस योजना पर काम किया है।
शोध के अनुसार 87 लाख जीव जंतुओं में बड़ी आबादी जानवरों की है जबकि पौधे, प्रोटोजोआ, फंगी, अल्गी आदि की संख्या थोड़ी कम है। इन आंकड़ों में बैक्टीरिया और कुछ अन्य सूक्ष्म जीवों को शामिल नहीं किया गया है।
शोध में करीब सवा लाख जीव जंतुओं पौधों की पहचान भी की गई है जिसमें से अधिकतर जमीन पर रहने वाले हैं।