Publish Date: Sat, 22 Aug 2020 (07:28 IST)
Updated Date: Sat, 22 Aug 2020 (07:37 IST)
दक्षिणी ऑस्ट्रेलिया में खुदाई करने वालों की एक जोड़ी ने सोने की दो डलियां खोद निकाली हैं, जिनकी क़ीमत लगभग 250,000 अमरीकी डॉलर यानी एक करोड़ 87 लाख रुपए से कुछ अधिक बताई जा रही है। ब्रेंट शैनॉन और एथन वेस्ट को ये सोने की डलियाँ विक्टोरिया राज्य के टार्नागुल्ला शहर के पास खुदाई के दौरान मिली।
उनकी इस खोज को चर्चित टीवी शो 'ऑस्ट्रेलियाई गोल्ड हंटर्स' पर दिखाया गया। यह कार्यक्रम गुरुवार को प्रसारित हुआ था।
इस जोड़ी ने मेटल डिटेक्टरों का इस्तेमाल कर सोने का पता लगाया और उस इलाक़े में की खुदाई कर सोना निकाला। सोना निकालने की पूरी प्रक्रिया को टीवी पर प्रसारित भी किया गया।
सीएनएन से बात करते हुए एथन वेस्ट ने कहा, "यह निश्चित रूप से हमारी सबसे महत्वपूर्ण खोजों में से एक है। एक ही दिन में इतनी बड़ी दो डलियों की खोज, वाक़ई आश्चर्यजनक है।"
इस कार्यक्रम को प्रसारित करने वाले 'डिस्कवरी चैनल' के अनुसार, एथन वेस्ट और उनके पिता ने मिलकर कुछ ही घंटों में सोने की इन डलियों को खोज निकाला जिनका वजन क़रीब साढ़े तीन किलो है।
इस टीवी शो में ऑस्ट्रेलिया के सुदूर इलाक़ों में सोने की खोज करने वाली जोड़ियों का काम दर्शकों का दिखाया जाता है। कार्यक्रम में ये दिखाया जाता है कि खोजकर्ता ज़मीन में दबे सोने को कैसे ढूंढते हैं।
ऑस्ट्रेलियाई टीवी शो 'सनराइज़' से बात करते हुए ब्रेंट शैनॉन ने कहा, "हम एक मौक़ा लेकर देखना चाहते थे। वो सिर्फ़ एक खाली ग्राउंड था, जिसका मतलब यह भी था कि वहाँ पहले कोई खुदाई नहीं हुई।" एथन वेस्ट के मुताबिक़, चार साल में खुदाई करते हुए उन्हें सोने के 'शायद हज़ारों' टुकड़े मिले हैं।
डिस्कवरी चैनल ने यह भी कहा है कि सोने की खोज करने वाले अपने अनुमानित मूल्य की तुलना में सोने की डली के लिए 30 फीसदी तक अधिक भुगतान कर सकते हैं।
साल 2019 में एक ऑस्ट्रेलियाई व्यक्ति ने मेटल डिटेक्टर का उपयोग करते हुए 1।4 किलो सोना निकाला था। इसकी अनुमानित क़ीमत लगभग 69,000 अमरीकी डॉलर यानी 51 लाख रुपये से अधिक थी।
ऑस्ट्रेलिया में सोने का खनन 1850 के दशक में शुरू हुआ था और आज भी यह देश में एक महत्वपूर्ण उद्योग है।
एक स्थानीय वेबसाइट के अनुसार, टार्नागुल्ला शहर की स्थापना भी 'विक्टोरिया गोल्ड रश' के दौरान हुई थी और इसी वजह से यह एक धनी शहर है जहाँ बहुत से खोजकर्ता अपना भाग्य आज़माने के लिए पहुँचते रहे हैं।