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किसानों का दिल्ली कूचः 'जहां रोका जाएगा, वहीं बैठकर विरोध प्रदर्शन करेंगे किसान'

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BBC Hindi

बुधवार, 25 नवंबर 2020 (14:29 IST)
प्रवीण शर्मा (बीबीसी हिन्दी के लिए)
 
खेती से जुड़े केंद्र सरकार के 3 क़ानूनों के विरोध में पंजाब, हरियाणा और उत्तरप्रदेश के किसान 26-27 नवंबर को 'दिल्ली चलो' के आह्वान के साथ राजधानी में प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं। ऑल इंडिया किसान संघर्ष कोऑर्डिनेशन कमेटी (एआईकेएससीसी) ने बताया है कि 26 और 27 नवंबर को दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन का योजना के मुताबिक जारी रहेगा और इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। इन संगठनों के मुताबिक, जहां भी किसानों को दिल्ली में जाने से रोका जाएगा, किसान वहीं पर बैठकर विरोध-प्रदर्शन करेंगे।
 
योगेंद्र यादव की पार्टी 'स्वराज इंडिया' के किसान संगठन 'जय किसान आंदोलन' के हरियाणा कार्यकारिणी के सदस्य राजीव गोदारा ने बीबीसी हिन्दी को बताया कि हरियाणा पुलिस दिल्ली जाने की कोशिश कर रहे किसानों को गिरफ्तार कर रही है।
 
किसान संगठनों का फ़ैसला
 
गोदारा कहते हैं, 'हरियाणा पुलिस ने एक एडवाइज़री जारी कर दी है कि हरियाणा से आगे किसानों को नहीं जाने देंगे। किसान संगठनों ने तय किया है कि दिल्ली जा रहे किसानों को जहां रोक दिया जाएगा वे वहीं बैठ जाएंगे।'
 
गोदारा कहते हैं कि तकरीबन डेढ़ से दो लाख किसान तो अकेले पंजाब से ही दिल्ली पहुंच रहे हैं, इसके अलावा हरियाणा, यूपी और दूसरी जगहों से भी बड़ी तादाद में किसान दिल्ली कूच करेंगे। सितंबर में केंद्र सरकार के लाए गए तीन किसान क़ानूनों का इन्हें पेश किए जाने के बाद से ही देशभर में किसान संगठनों की ओर से विरोध किया गया है। इसके अलावा, विपक्षी पार्टियों ने भी इन कानूनों को लेकर कड़ा ऐतराज जताया है।
 
भारतीय किसान यूनियन लखोवाल ग्रुप के पंजाब के राज्य सचिव गुरविंदर सिंह कूमकलां का कहना है कि पंजाब के हर ज़िले से करीब 150-200 ट्रॉलियों में किसान दिल्ली की ओर कूच करेंगे।
 
हरियाणा दिल्ली बॉर्डर
 
गुरविंदर सिंह ने बीबीसी को बताया, 'पंजाब के कई जिलों से तो किसान आज ही दिल्ली के लिए चल दिए हैं। अगर हरियाणा दिल्ली बॉर्डर या कहीं दूसरी जगह किसानों को रोका जाएगा तो किसान वहीं पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।'
 
गुरविंदर सिंह कहते हैं कि दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस की तरफ से अभी तक दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन की इजाज़त नहीं मिली है। हालांकि, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का संगठन भारतीय किसान संघ इस आंदोलन में शामिल नहीं है।
 
भारतीय किसान संघ के हरियाणा राज्य के महामंत्री वीरेंद्र सिंह बड़खालसा ने बीबीसी हिंदी को बताया, 'भारतीय किसान संघ को इस 'दिल्ली चलो' कार्यक्रम की न कोई सूचना है, न ही हम इसमें शामिल हैं।' हालांकि, उन्होंने कहा, 'हम किसान बिलों पर अपनी मांगों को लेकर कायम हैं।'
 
पंजाब में रेल सेवाएं
 
वीरेंद्र सिंह बड़खालसा कहते हैं, 'ऐसी खबरें आ रही हैं कि हरियाणा में किसान नेताओं को गिरफ़्तार किया गया है।' पंजाब और हरियाणा में इन कानूनों के विरोध में किसानों का जबरदस्त विरोध-प्रदर्शन देखने को मिला है। पंजाब में मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के केंद्र के किसान कानूनों को खारिज करने और अपने कानून पास किए जाने के बावजूद विरोध प्रदर्शन रुके नहीं हैं। किसानों के पटरियों को रोकने के चलते पंजाब में रेल सेवाएं ठप्प पड़ी हैं। केंद्र के इन कानूनों में बदलाव की किसान संगठनों की मांग को अभी तक न माने जाने के चलते एआईकेएससीसी ने 26-27 नवंबर को दिल्ली चलो का ऐलान कर दिया है।
 
दिल्ली कूच की तैयारी
 
एआईकेएससीसी ने अपने बयान में कहा है कि किसान विरोधी और जन विरोधी कानूनों को वापस लिए जाने के लिए किसानों की सामूहिक प्रतिबद्धता के चलते केंद्र सरकार में खलबली है और दिल्ली पुलिस जैसी केंद्र सरकार की एजेंसियां किसानों के इस शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के कार्यक्रम को दबाने की कोशिशों में लगी हुई हैं।
 
खबरों के मुताबिक, बड़ी तादाद में बसों, ट्रैक्टरों और अन्य वाहनों से किसान पंजाब और दूसरी जगहों से दिल्ली की ओर कूच करने वाले हैं। किसान संगठनों ने यह भी आरोप लगाया है कि दिल्ली के लिए रवाना की गई राशन से लदी 40 ट्राॉलियों को हरियाणा सरकार ने दिल्ली सीमा पर ही रोक लिया है। किसान संगठनों का कहना है कि हरियाणा में खासतौर पर दिल्ली कूच की तैयारी कर रहे किसान नेताओं को पुलिस रात में गिरफ्तार कर रही है और किसानों को दिल्ली पहुंचने से रोकने की कोशिश कर रही है। (फ़ाइल चित्र)

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