Publish Date: Tue, 05 Sep 2017 (11:40 IST)
Updated Date: Tue, 05 Sep 2017 (11:42 IST)
एक शोध के मुताबिक 50 साल की उम्र के दस फ़ीसदी लोगों के दिल की उम्र दस साल अधिक होती जा रही है जिससे घातक दिल के दौरे का ख़तरा बढ़ गया है। 'द पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड' के 'हॉर्ट एज टेस्ट' के लिए 12 लाख लोगों से प्रतिक्रिया ली गई। इसमें 33 हज़ार पुरुष 50 साल के थे। शोध के ये नतीजे इसी पर आधारित हैं।
संस्थान के मुताबिक सिर्फ़ इस महीने ही इंग्लैंड में 7400 लोगों की मौत दिल से जुड़ी बीमारियों की वजह से हो जाएगी। दिल से जुड़ी बीमारियों पुरुषों की मौत का सबसे बड़ा कारण हैं जबकि महिलाओं में ये दूसरा सबसे बड़ा कारण हैं।
इनमें से ज़्यादातर मौतों को रोका जा सकता है। दिल की बीमारी की वजह से मरने वाले इन लोगों में एक चौथाई 75 साल से कम उम्र के हैं। पीएचई के हृदयरोग मामलों के प्रमुख जैमी वॉटरआॉल कहते हैं, "दिल की बीमारी और दौरे के ख़तरों से निबटने को बुढ़ापे के लिए नहीं छोड़ा जाना चाहिए।"
सेहत सुधारने के तरीके
*धूम्रपान छोड़ दें
*सक्रिय रहें
*वज़न पर नियंत्रण रखें
*ज़्यादा फ़ाइबर खाएं
*संतृप्त वसा को कम करें
*दिन में पांच सब्ज़ी या फल खाएं
*नमक की खपत कम करें
*मछली खाएं
*शराब कम पिएं
*खाद्य पदार्थों के बारे में प्रकाशित जानकारियां पढ़ें
पीएचई के मुतबिक सर्वे में शामिल आधे से अधिक लोगों को अपने ब्लड प्रेशर के बारे में जानकारी नहीं थी। इंग्लैंड में रह रहे 56 लाख लोगों का ब्लड प्रशर ज़्यादा है, लेकिन उन्हें इस बारे में पता नहीं है। ब्रिटिश हॉर्ट फाउंडेशन के डॉक्टर माइक नैपटन कहते हैं कि ये चिंता की बात है।
वो कहते हैं, "यदि इलाज न किया जाए तो ये ख़ामोश परिस्थितियां ख़तरनाक़ दिल के दौरे तक पहुंचा सकती हैं।" ब्लड प्रेशर यूके से जुड़ी कैथरीन जेनर कहती हैं कि ब्लड प्रेशर की जांच कराना जीवन को लंबा करने की दिशा में पहला क़दम हो सकता है।