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NEET परीक्षा में कपड़ों के विवाद पर NTA ने कहा, जरूरत पड़ी तो बदलेंगे नियम

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BBC Hindi

गुरुवार, 21 जुलाई 2022 (08:26 IST)
केरल में नीट परीक्षा में लड़कियों के अंडरगार्मेंट खुलवाने की खबर के बाद परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के डायरेक्टर जनरल विनीत जोशी ने बीबीसी से कहा है कि अगर ज़रूरत पड़ी तो सुरक्षा जांच के नियमों में बदलाव किया जा सकता है।
 
सोमवार को आयोजित नीट परीक्षा के दौरान केरल के कोल्लम के एक सेंटर पर कथित तौर पर कई लड़कियों को उनके अंडरगार्मेंट उतारने के लिए कहा गया।
 
विवाद के बाद एनटीए ने क्या किया?
एनटीए ने एक बयान में कहा है कि इस घटना के बारे में उन्हें कोई शिकायत नहीं मिली है। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक परीक्षा केंद्र के सुपरिटेंडेंट ने एनटीए से कहा है कि लड़कियों के इनरवियर खुलवाने से जुड़ी शिकायत, "काल्पनिक" और "ग़लत इरादों" से दायर की गई है।
 
एनटीए के एक अधिकारी ने कहा, 'हमें कोई शिकायत नहीं मिली है। मीडिया में आई ख़बरों के बाद, तुरंत एक रिपोर्ट सेंटर के सुपरिटेंडेंट और ऑब्ज़र्वर से मांगी गई थी।' उन्होंने बताया है कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई और शिकायत काल्पनिक है और गलत इरादों के साथ दायर की गई है।
 
एनटीए ने सुरक्षा के कोड पर क्या कहा?
एनटीए के अधिकारी के मुताबिक जिस तरह के आरोप लगाए गए हैं उस तरीके की गतिविधियों की इजाज़त नहीं है। बयान के मुताबिक, 'नीट का ड्रेस कोड किसी भी ऐसी गतिविधि की इजाज़त नहीं देता। कोड में परीक्षा में पारदर्शिता के साथ लिंग, सभ्यता और धर्म की संवेदनशीलता को ध्यान में रखा गया है।'
 
ये पूछे जाने पर कि क्या नियमों में बदलाव के बारे में सोचा जा रहा है, डायरेक्टर जनरल विनीत जोशी ने बीबीसी की सरोज सिंह से कहा, "हम जांच कर रहे हैं, बच्चों से भी सुझाव मांगा जाएगा, और स्टडी कर के अगर हमें लगा कि परीक्षा की सिक्योरिटी और सेफ़्टी भी बढ़े और बच्चों की सहूलियत भी, तो बिल्कुल बदलाव लाया जाएगा।"
 
उन्होंने कहा, "परीक्षा में सहूलियत का ध्यान रखना भी ज़रूरी है और ये भी देखना है कि कोई इनका ग़लत इस्तेमाल न करे। जब से इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन के माध्यम आ गए हैं, ये ध्यान देना ज़रूरी है कि परीक्षा निष्पक्ष हो। यहीं बैलेंस बनाना ज़रूरी है और हमारी यही कोशिश है।"
 
क्या कहता है सुरक्षा कोड?
नीट के ड्रेस कोड के मुताबिक़, लड़कियों को मौसम के मुताबिक ड्रेस पहनने की इजाज़त है, हालांकि उन्हे पूरी बांह के हल्के रंग के कपड़े नहीं पहनने की सलाह दी जाती है।
 
नियम के मुताबिक प्रत्याशी सैंडल पहन सकते हैं, लेकिन जूते पहनने की इजाज़त नहीं है। पर्स, गॉगल्स, बेल्ट, टोपी, घड़ी, ब्रेसलेट, कैमरा और किसी तरह के मेटल ले जाने की इजाज़त नहीं है।
 
नियमों के मुताबिक, धार्मिक चीज़ों को अंदर ले जाया जाता है लेकिन इसके लिए दो घंटे पहले सेंटर पर पहुंचना होगा और अपनी ठीक से जांच करानी होगी। मेटल की चीज़ें अंदर न जाए, इसके लिए मेटल डिटेक्टर से चेकिंग का प्रावधान है, लेकिन मेटल के हुक को लेकर किसी तरह की जानकारी नहीं दी गई है।
 
क्यों हो रहें हैं विवाद?
विवाद का कारण भी नियमों में स्पष्टता का नहीं होना है। लड़कियों के ब्रा में मेटल के हुक या वायर का इस्तेमाल होता है। आरोप है कि कई सेंटरों में नियमों का हवाला देते हुए उन्हें ब्रा पहनकर अंदर जाने से रोका जाता है।
 
सोमवार को दायर शिकायत में गोपाकुमार ने बताया है, "मेरी बेटी को परीक्षा केंद्र पर इनरवियर उतारने के लिए कहा गया जबकि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने जो ड्रेस कोड तय किया है, उसमें इस बात का कोई ज़िक्र नहीं था। मेरी बेटी ने जब ऐसा करने से मना कर दिया तो उसे परीक्षा देने से मना कर दिया गया।"
 
पुलिस में दर्ज शिकायत में गोपाकुमार ने लिखा है, "मेरी बेटी ने बताया कि एक कमरा इनरवियर से भरा हुआ था। उनमें से बहुत से लोग रो रहे थे। नीट एक प्रमुख प्रवेश परीक्षा है, इस तरह के भद्दे बर्ताव से बच्चों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। बहुत सी लड़कियां अपनी ब्रॉ का हुक खोल और बंद कर रही थीं।"
 
साल 2017 में केरल के कन्नूर में लड़की को अपनी ब्रा उतारकर अपनी मां को देनी पड़ी जिसके बाद ही वो परीक्षा में शामिल हो पाई।
 
इसके अगले साल केरल के ही पलक्कड़ ज़िले में एक लड़की को शर्मिंदगी भरी स्थिति का सामना करना पड़ा जब उसे ब्रा उतारने के लिए कहा गया और उस लड़की का अनुभव तब और ख़राब हो गया जब उसने देखा कि इनविजिलेटर (परीक्षा निरीक्षक) उसे लगातार घूर रहे थे।
 
सिक्योरिटी की ज़िम्मेदारी किसकी होती है?
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और चेकिंग की ज़िम्मेदारी परीक्षा केंद्र के पास होती है। सिक्योरिटी के लिए स्थानीय स्तर पर किसी एजेंसी को नियुक्त किया जाता है। लेकिन सभी के लिए प्रोटोकॉल एक होते हैं। एनटीए सेंटर सुपरिटेंडेंट को ट्रेनिंग देता है, और वो सुरक्षा के ज़िम्मेदार दूसरे लोगों को ट्रेनिंग देते हैं।
 
क्या केरल सेंटर पर फिर से परीक्षा होगी?
जोशी ने कहा कि सेंटर पर सभी लोगों ने परीक्षा दी और फिर से वहां परीक्षा आयोजित करने के बारे में विचार नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसी ने अभी तक ऐसी कोई मांग नहीं की है और सभी बच्चों ने सही तरीके से परीक्षा दी है।

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