Publish Date: Wed, 29 May 2019 (11:43 IST)
Updated Date: Wed, 29 May 2019 (11:46 IST)
कुछ उसे फरिश्ता बता रहे हैं, कोई पवित्र आत्मा तो कुछ कह रहे हैं कि यह महज़ इत्तेफ़ाक था। जो भी उस घटना के बारे में सुन रहा है उसकी अपनी व्याख्या कर रहा है।
मामला जर्मनी का है। जब एक कार सवार तेज़ गति में गाड़ी दौड़ा रहा था और उसकी इस लापरवाही के चलते उसका चालान होने ही वाला था कि उसी दौरान कुछ अजीब हुआ।
हाई स्पीड की वजह से इस कार चालक को 93 पाउंड का चालान देना पड़ता लेकिन तभी एक सफ़ेद कबूतर वहां आ गया। जिसकी वजह से ड्राइवर की पहचान नहीं हो सकी क्योंकि ड्राइवर का चेहरा पक्षी के बड़े पंखों से ढंक गया था।
ईसाई मान्यताओं के मुताबिक, सफ़ेद कबूतर को 'पवित्र आत्मा का प्रतीक' माना गया है। हल्के-फुलके अंदाज़ में जारी किए गए पुलिस के बयान में कहा गया है कि बहुत हद तक संभव है कि "पवित्र आत्मा का यह दख़ल महज़ इत्तेफ़ाक़ न हो।" बयान में कहा गया है, "हम इस इशारे को समझ गए हैं और इस बार हमने तेज़ गति से गाड़ी चलाने वाले उस शख़्स को छोड़ दिया है।"
जर्मनी की पश्चिमी सीमा के पास वियर्सन के अधिकारियों का कहना है कि संभवत: यह इशारा वह कार ड्राइवर भी समझ गया होगा और भविष्य में वह इतनी तेज़ गति से गाड़ी नहीं चलाएगा। ड्राइवर 54 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से गाड़ी चला रहा था जबकि उस सड़क पर गति की सीमा 30 किलोमीटर प्रति घंटा है।
लेकिन "पंखों वाली उस शक्ति" की वजह से सिर्फ़ कार की पहचान की जा सकी और ड्राइवर का चेहरा नहीं दिखा, इसलिए पुलिस ने भी उदारता दिखाते हुए इस बार ड्राइवर को बख़्श दिया है। वियर्सन पुलिस ने मज़ाकिया बयान में यह भी कहा है कि उस प्रतिबंधित क्षेत्र में इतनी तेज़ गति से उड़ने के लिए पक्षी पर भी जुर्माना लगना चाहिए।
बयान में कहा गया है, "लेकिन हम नहीं जानते कि ईसाई धर्म के अगले पवित्र दिन वो कहां होगा, इसलिए हम यहां न्याय के ऊपर करुणा को प्राथमिकता दे रहे हैं।"