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कराची के मनमोहनसिंह...

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मनमोहनसिंह
जब लोगों से मैं मिलता हूँ तो वे कहते हैं कि मनमोहनसिंह यह क्या कर रहे हो? आपने क्या बोल दिया है? आप हमें चैन की नींद नहीं सोने दे रहे हो..?" ये शब्द भारत के प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह के नहीं हैं, बल्कि 29 वर्षीय वैद्य के हैं, जो पाकिस्तान के कराची में रहते हैं।

BBC
सरदार मनमोहनसिंह भारत के प्रधानमंत्री के हमनाम हैं। वे इससे काफी खुश भी हैं, लेकिन उन्हें कभी-कभी परेशानी भी होती है। वे कहते हैं कि जब वे ट्रेन या बस का टिकट लेने जाते हैं और अपना नाम बताते हैं तो लोग कहते हैं कि आप तो भारत के प्रधानमंत्री हैं यहाँ क्या कर रहे हैं। उन्होंने बताया मैं भी कभी कभी मजाक कर लेता हूँ कि वे भारत के प्रधानमंत्री हैं तो हम अपने घर के प्रधानमंत्री हैं।

परिवार दिल्ली में भी : मनमोहनसिंह वर्ष 2001 में पेशावर से कराची पहुँचे थे और इससे पहले वे भारत में भी रह चुके हैं। उन्होंने दिल्ली के गुरुनानक धार्मिक स्कूल से शिक्षा पाई है और उनके दो भाई अब भी दिल्ली में रहते हैं। उन्होंने बताया जब वे भारत में थे तो उन्होंने भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन किया था, लेकिन भारत की नागरिकता नहीं मिल सकी।

मनमोहनसिंह का परिवार अफगानिस्तान में कपड़े का व्यापार करता था, लेकिन तालिबान के सत्ता में आने के बाद वे पाकिस्तान चले आए थे। उनके परिवार के कुछ लोग भारत चले गए और कुछ ब्रिटेन में रह रहे हैं। मनमोहनसिंह सात भाषाओं के अच्छे जानकार हैं, जिसमें फारसी, पश्तो और सिंधी शामिल हैं।

प्रधानमंत्री के लिए दुआ : कराची में चार स्थानों पर उन के चिकित्सालय (मतब) हैं और वहाँ मरीजों की काफी भीड़ रहती है। मनमोहनसिंह ने कहा मैं सब प्रकार की बीमारी का इलाज करता हूँ, गरीब-अमीर सब लोग मेरे पास आते हैं। भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह की हाल ही में बायपास सर्जरी हुई है और वे इन दिनों अस्पताल मे भर्ती हैं।

दिल का इलाज : वैद्य मनमोहनसिंह कहते हैं कि वे भारत के प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह का इलाज भी कर सकते हैं, लेकिन दिल की बीमारी का इलाज जरा लंबा होता है।

उन्होंने कहा वे तो प्रधानमंत्री हैं, इतने समय तक कहाँ गोलियाँ खाएँगे। उन्होंने प्रधानमंत्री के स्वास्थ्य के लिए दुआ की है। मनमोहनसिंह भारत और पाकिस्तान के बीच बेहतर संबंध देखना चाहते हैं और उनका कहना है कि दोनों देशों को बातचीत के माध्यम से सभी मुद्दे हल करना चाहिए।

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