Publish Date: Mon, 01 Aug 2011 (18:13 IST)Updated Date: Mon, 01 Aug 2011 (18:12 IST)
BBC
एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार एक बेहद सस्ते और आसानी से खून की जांच करने वाले उपकरण की मदद से दुनिया के सुदूरवर्ती इलाकों में बीमारियों के संक्रमण का पता लगाने में बड़ी कामयाबी मिल सकती है।
विज्ञान पत्रिका 'नेचर मेडिसीन' में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक़ एम-चिप नाम का ये उपकरण क्रेडिट कार्ड के आकार का है और मिनटों में संक्रमण का पता लगा सकता है।
अफ्रीकी देश रवांडा में एचआईवी और सिफलिस जैसी बीमारियों का पता लगाने के लिए इस उपकरण से की गई प्राथमिक जांच के नतीजे सौ फीसदी सटीक रहे हैं। अमेरिका में बने इस उपकरण की प्रस्तावित कीमत एक डॉलर रखी गई है।
कई बीमारियों की जांच : वर्तमान में प्रयोगशालाओं में जो जांच की जाती है उसके मुकाबले इस उपकरण से होने वाली जांच काफी सस्ती हो सकती है।
उपकरण में लगे प्लास्टिक चिप में 10 ऐसे पहचान बिंदु हैं जिनकी मदद से केवल एक बार लिए गए खून के नमूने से कई बीमारियों की जांच की जा सकती है। इस जांच के नतीजे बिना किसी विशेष उपकरण की मदद के खुली आंख से देखे जा सकते हैं।
न्यूयॉर्क की कोलंबिया यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर और इस उपकरण को विकसित करने वाले सैमुएल सिया कहते हैं, 'इस उपकरण को विकसित करने का उद्देश्य ये है कि दुनिया के किसी भी हिस्से में मौजूद मरीज आसानी से खून की जांच करवा सकें, उन्हें किसी लैब में जाकर खून के नमूने न देने पड़ें और फिर जांच रिपोर्ट के लिए कई दिन तक इंतजार न करना पड़े।'
इस उपकरण के प्रोटोटाइप की मदद से रवांडा के किगाली में सैकड़ों टेस्ट किए गए हैं जिनसे एचआईवी के मामले में 95 फीसदी और सिफलिस के मामले में 76 फीसदी तक सही नतीजे निकले हैं।
शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि अफ्रीका में गर्भवती महिलाओं में यौन संबंधों से फैलने वाली बीमारियों का पता लगाने के लिए एम-चिप के इस्तेमाल में बढ़ोतरी की जा सकेगी। प्रोस्टेट कैंसर की जांच करने के लिए एम-चिप का एक अन्य प्रारूप भी विकसित किया गया है।