Publish Date: Mon, 14 Jun 2010 (12:59 IST)Updated Date: Mon, 14 Jun 2010 (12:58 IST)
BBC
हाल के एक अध्ययन से पता चलता है कि साइबर अपराधी पोर्न साइट देखने वालों का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसा पाया गया कि कई वेबसाइटों ने इस्तेमाल करने वालों से अवांछित तरीके से पैसा वसूलने के लिए सॉफ्टवेयर लगाए हैं।
शोधकर्ताओं ने खुद अपनी वेबसाइट बनाकर पाया कि कई उपभोक्ता आसानी से इसके शिकार हो सकते हैं। अध्ययन का संचालन इंटरनेशनल सेक्योरिटी सिस्टम लैब के कंप्यूटर सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. गिलबर्ट वोंडरैसेक ने किया है।
डॉ. वोंडरैसेक ने बताया, 'विभिन्न वेबसाइटों के बीच प्रतिस्पर्धा ने एक ऐसा माहौल बना दिया है जिससे बड़े पैमाने पर साइबर अपराध का खतरा पैदा हो गया है।'
अध्ययन : आँकड़ों के मुताबिक मौजूद वेबसाइटों में से तकरीबन 12 फीसदी वेबसाइट किसी न किसी तरह की पोर्नोग्राफी दिखाते हैं और 24 साल से कम उम्र के 70 फीसदी लोग इन वेबसाइट को देखते हैं।
अध्ययन के तहत 269000 वेबसाइट का विश्लेषण किया गया। इसके तहत पता लगाया कि किन वेबसाइटों ने गलत सॉफ्टवेयर लगाया हुआ था। यह पाया गया कि 3.23 फीसदी साइटों ने यूजर्स के बारे में गोपनीय जानकारी इकट्ठा करने वाली और वायरस पैदा करने वाले सॉफ्टवेयर लगाए हुए थे।
कई वेबसाइटों ने ऐसे उपाय अपनाए थे जिससे पेज से बाहर निकल पाना यूजर्स के लिए काफी मुश्किल हो। कुछ ने तो ऐसे स्क्रिप्ट का इस्तेमाल किया था जिससे लिंक पर क्लिक करने के बाद ही संबंधित वेबसाइट को ऐसे वीडियो या इमेज चले जाते थे, जिनकी उम्मीद यूजर्स ने नहीं की थी।
हाइटेक अपराधियों के लिए फायदेमंद : डॉ. वोंडरैसेक ने कहा कि ज्यादातर पोर्न वेबसाइट की कोशिश होती है कि ज्यादा से ज्यादा यूजर उन्हें देखें।
यूजर्स की बढ़ती संख्या का कई तरीकों से इस्तेमाल किया जा सकता है। लोकप्रिय वेबसाइट इसे उन लोगों को बेचती हैं जिन्हें बड़ी संख्या में दर्शकों की तलाश होती है। कभी-कभी इसका इस्तेमाल सर्च इंजिन इंडेक्स में अपनी रैंकिंग बढ़ाने के लिए किया जाता है।
डॉ. वोंडरैसेक ने बताया कि यह तरीका उन हाइटेक अपराधियों के लिए बड़ा ही फायदेमंद है जो बड़ी संख्या में दर्शकों का एक स्रोत चाहते हैं। इसका परीक्षण करने के लिए शोधकर्ताओं ने अपने मन से दो वेबसाइट बनाई और इनमें मुफ्त पोर्न सामग्री डाली।
इन वेबसाइट को देखने वाले 49000 यूजर्स का विश्लेषण किया गया। इनमें से 20000 लोग एक ही कंप्यूटर और ब्राउजर का इस्तेमाल कर रहे थे और आसानी से साइबर अपराधियों का शिकार बन सकते थे।
एक ही जगह ढेर सारे शिकार: डॉ. वोंडरैसेक ने कहा, 'एक हमलावर के तौर पर आप अपना जीवन आसान बनाना चाहते हैं और जब आपको एक ही जगह पर आसानी से 20000 लोग मिल जाएँ तो यह शिकार करने का बड़ा ही अच्छा मौका होता है।'
पहली 100 सबसे ज्यादा लोकप्रिय साइटों में कई पोर्न साइट दिखने का मतलब है कि बड़ी संख्या में लोग पोर्न साइट देखते वक्त इनके चंगुल में फँस जाते हैं।
डॉ. वोंडरैसेक ने कहा कि जब नुक़सान पहुँचाने वाली वेबसाइट की संख्या काफी कम हैं, ऐसे में यह पता लगा पाना काफी मुश्किल होता है कि कौन वेबसाइट नुक़सान पहुँचा सकती है और कौन नहीं।
डॉ. वोंडरैसेक ने पोर्नसाइट देखने वालों को सुझाव दिया कि वे अपने सिक्युरिटी सॉफ्टवेयर को अप टू डेट रखें और ब्राउजिंग के सुरक्षित तरीकों का इस्तेमाल करें।