Publish Date: Mon, 16 Jan 2012 (11:12 IST)Updated Date: Mon, 16 Jan 2012 (11:11 IST)
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फ़्रांस की कंपनी पॉली इमप्लांट प्रोथीज़ (पीआईपी) के स्तन प्रतिरोपण कराने वाली वेनेज़ुएला की मैरी कार्ला पर्डोमो जब जांच के लिए अपने डॉक्टर के पास पहुंची तो ये जानकर उनके होश उड़ गए कि उनका कृत्रिम दायां स्तन फट चुका है।
* 'ब्रेस्ट इमप्लांट' का उपयोग महिलाएँ अपने स्तन का आकार बढ़ाने और सुधारने के लिए करती हैं। * वेनेज़ुएला में लड़कियों के बीच प्लॉस्टिक सर्जरी ख़ासतौर पर स्तन प्रतिरोपण का चलन है।
मेडिकल साइंस की छात्र मैरी को डॉक्टर ने ये भी बताया कि उनका बायां स्तन भी फटना शुरू हो चुका है और दोनों कृत्रिम स्तनों को जल्द से जल्द बाहर निकालना होगा।
अब मैरी और उनका परिवार पीआईपी स्तन से पैदा हुई इस समस्या से निजात पाने के लिए 4600 डॉलर जुटाने की कोशिश में लगा है ताकि समय रहते इलाज कराया जा सके।
वैसे वेनेज़ुएला की सरकार ने दोषपूर्ण पीआईपी स्तन निकलवाने के लिए निशुल्क सर्जरी की पेशकश की है। लेकिन दोबारा इस तरह के स्तन लगवाने का ख़र्चा उठाने के लिए सरकार तैयार नहीं है।
मैरी का कहना है, ''मैंने बेहतर आकार के लिए सर्जरी कराई थी, लेकिन उल्टा हुआ और यदि अब मैं पीआईपी स्तन निकलवाती हूं तो मुझे मानसिक तौर पर झटका तो लगेगा ही, ये बदसूरत भी लगेगा। ''
पीआईपी स्तन प्रतिरोपण कराने वालीं मैरी की तरह और भी लड़कियां बड़ी दुविधा में पड़ गई हैं।
बिना किसी ख़र्च के पीआईपी स्तन निकलवाने की सरकार की पेशकश के बारे में सुहैल कांटालामेसा का कहना है, ''कोई भी सरकारी अस्पताल नहीं जाना चाहता। हम चाहते हैं कि स्तन निकलवाने या दोबारा लगवाने के लिए हम अपना डॉक्टर या क्लीनिक चुन सकें। ''
इन लड़कियों को जबसे पता चला है कि उनका कृत्रिम स्तन फट रहा है, उन्हें ऐसा महसूस होता है कि उनके सीने में जैसे टाइम बम टिकटिक कर रहा है।
सुहैल कहती हैं, ''मैं जॉगिंग पर जाना पसंद करती हूं, लेकिन मुझे लगता है कि मैं व्यायाम नहीं कर सकती क्योंकि मुझे डर लगता है कि स्तन टूट जाएंगे।
ज़्यादातर लड़कियों की समस्या ये है कि अब वे कृत्रिम स्तन निकलवाने या दोबारा लगवाने का ख़र्च वहन नहीं कर सकती हैं।
मैरी और सुहैल ने वेनेज़ुएला में अपने जैसी 400 से ज़्यादा महिलाओं के साथ मिलकर एक समूह भी बनाया है जो अब उन पांच स्थानीय वितरकों के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज कर रही हैं जिन्होंने पीआईपी स्तन मुहैया कराए थे।
ग़ौरतलब है कि पीआईपी स्तन प्रतिरोपण में ख़राबी आने का मामला पहली बार बीते साल दिसंबर में तब सामने आया था जब फ्रांस के अधिकारियों ने 30,000 महिलाओं को अपने दोषपूर्ण 'ब्रेस्ट इमप्लांट' को एहतियात के तौर पर हटाने की सलाह दी थी।