Publish Date: Mon, 19 Oct 2015 (19:20 IST)
Updated Date: Mon, 19 Oct 2015 (19:24 IST)
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में अपनी जमीनी हकीकत का आकलन करने के लिए भाजपा ने उत्तर प्रदेश से अपने लगभग चार सौ कार्यकर्ताओं को बुलाकर राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में तैनात कर रखा है। इन कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर और विधानसभा वार रिपोर्ट तैयार कर पार्टी नेतृत्व को सौंपने की जिम्मेदारी दी गई है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि सूबे की वास्तविक तस्वीर का अंदाजा लगाया जा सकता है।
दरअसल, बिहार भाजपा में बूथ स्तर तक फैली गुटबाजी और विधानसभा चुनाव का टिकट न मिलने की वजह से पार्टी में उपजे असंतोष ने भाजपा नेतृत्व की परेशानी में इजाफा कर दिया है। असंतुष्टों की गतिविधियों पर नजर रखने और उनसे पार पाने के लिए पड़ोसी राज्य से पार्टी कार्यकर्ताओं को बिहार में बुलाया गया है।
पूरी संजीदगी से बिहार फतह करने की कोशिश में जुटी भाजपा ने इन कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी है कि वे असंतुष्ट या पार्टी विरोधी गतिविधियों अंजाम देने वालों की शिनाख्त कर उनके बारे में अपनी रिपोर्ट विधानसभा प्रभारी को दें। ये विधानसभा प्रभारी भी उत्तर प्रदेश से आए कार्यकर्ताओं में से ही बनाए गए हैं जो बूथ स्तर से प्राप्त रिपोर्ट को सीधे पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को सौंप रहे हैं।
पिछले दो सप्ताह से बिहार में प्रवास कर रहे उत्तर प्रदेश भाजपा के मीडिया प्रभारी मनीष शुक्ल के मुताबिक, उत्तर प्रदेश से बिहार आए पांच सौ कार्यकर्ताओं में से 70 कार्यकर्ता ऐसे हैं, जो पिछले दो महीने से बिहार के विभिन्न जिलों का दौरा कर रहे हैं, जबकि बाकी कार्यकर्ता पूरे बिहार में फैले हैं और अपने को सौंपी गई जिम्मेदारी को अंजाम दे रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक पार्टी नेतृत्व को अब तक प्राप्त रिपोर्ट से ऐसे दर्जनों नेताओं के नाम जाहिर हुए हैं जो चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं। ऐसे नेताओं के खिलाफ पार्टी नेतृत्व ने चुनाव नतीजे आने के बाद कार्रवाई करने का फैसला किया है।