Publish Date: Sat, 24 Oct 2015 (16:58 IST)
Updated Date: Sat, 24 Oct 2015 (17:02 IST)
पटना। बिहार विधानसभा के चुनाव में राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तो प्रचार का मुख्य मुद्दा हैं ही, लेकिन उनके अलावा चार अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री भी किसी न किसी बहाने चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। इनमें से तीन राज्यों के मुख्यमंत्री तो ऐसे हैं, जिनके बिहार आए बगैर ही उनकी चर्चा चौतरफा हो रही है। ये तीन मुख्यमंत्री हैं- महाराष्ट्र के देवेंद्र फड़नवीस, गुजरात की आनंदी बेन पटेल और दिल्ली के अरविंद केजरीवाल।
महाराष्ट्र की फड़नवीस सरकार ने मराठी भाषा का ज्ञान नहीं रखने वालों को टैक्सी का परमिट नहीं देने का फैसला किया है। यह फैसला बिहार में बड़ा चुनावी मुद्दा बन गया है, क्योंकि महाराष्ट्र में बिहार के ऐसे प्रवासी बड़ी संख्या में हैं जो वहां टैक्सी चलाने का काम करते हैं।
महागठबंधन के नेता महाराष्ट्र सरकार के इस फैसले को लेकर भाजपा पर निशाना साध रहे हैं। इसी तरह पटेल आरक्षण और हार्दिक पटेल के आंदोलन की वजह से आनंदी बेन पटेल चर्चा में हैं। महागठबंधन के नेता उनके बहाने नरेंद्र मोदी के गुजरात मॉडल को निशाना बना रहे हैं।
इसी तरह अरविंद केजरीवाल को लेकर अभी तक अटकलें लग रही हैं कि वे नीतीश कुमार के समर्थन में प्रचार करने आएंगे या नहीं। चौथे मुख्यमंत्री झारखंड के रघुवर दास हैं, जो बिहार में भाजपा के लिए पिछड़ी जातियों का समर्थन जुटाने के काम में लगे हुए हैं।