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बिहार में जमीन से आसमान तक चुनावी घमासान

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Election 2015 Bihar
पटना। बिहार में सघन चुनाव प्रचार के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों में जमीन से लेकर आसमान तक होड़ मची हुई है। वामपंथी दलों के नेताओं को छोड़ दें तो बाकी सभी छोटे-बड़े दलों के बड़े नेता सूबे में एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए निजी कंपनियों के हेलीकॉप्टरों का सहारा ले रहे हैं। समूचे बिहार में रोजाना डेढ़ दर्जन से अधिक हेलीकॉप्टर नेताओं को लेकर उड़ान भर रहे हैं।
अधिकांश हेलीकॉप्टर नई दिल्ली और मुंबई स्थित निजी हवाई कंपनियों के हैं। एक हेलीकॉप्टर की 1 घंटे की उड़ान का किराया करीब 2 लाख रुपए होता है। एक स्टार प्रचारक आमतौर पर प्रतिदिन 3 से 4 घंटे उड़ान पर रहता है। पटना हवाई अड्डे के एक अधिकारी के मुताबिक अभी लगभग 20 हेलीकॉप्टर तो नियमित रूप से उड़ान पर हैं जबकि 1 दर्जन हेलीकॉप्टर पटना हवाई अड्‌डे पर खड़े हुए हैं। 
 
चुनाव प्रचार में उड़नखटोले के इस्तेमाल में भाजपा नीत राजग सबसे आगे है। उसके पास 9 हेलीकॉप्टर हैं, जबकि जनता दल (यू), राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस के महागठबंधन के पास 5 हेलीकॉप्टर हैं। राजग में सबसे ज्यादा 6 हेलीकॉप्टर भाजपा के पास हैं। इसके अलावा लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा), राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) और हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के पास भी 1-1 हेलीकॉप्टर हैं। 
 
महागठबंधन में जद (यू) और कांग्रेस के पास 2-2 और राजद के पास 1 हेलीकॉप्टर है। मुलायम सिंह के धर्मनिरपेक्ष मोर्चा में शामिल जनाधिकार पार्टी के पप्पू यादव भी हेलीकॉप्टर पर सवार होकर विभिन्न क्षेत्रों में सभाएं करने जा रहे हैं। 
 
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी ऐसे नेता हैं, जो पहले पटना आने के बजाय सीधे निर्धारित चुनाव क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं। आने वाले दिनों में भाजपा और कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी सीधे चुनाव क्षेत्रों में पहुंचकर चुनाव प्रचार करेंगे। 
 
राजग की ओर से मुख्य प्रचारक वैसे तो प्रधानमंत्री मोदी ही हैं और वे हर दिन 3 से 4 सभाओं को संबोधित कर रहे हैं। मगर उनके अलावा भाजपा की ओर से पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, सुशील मोदी, राधामोहन सिंह, राजीव प्रताप रूड़ी, धर्मेन्द्र प्रधान, रामकृपाल यादव और भूपेन्द्र यादव भी नियमित चुनाव प्रचार कर रहे हैं। 
 
लोजपा की ओर से रामविलास पासवान और उनके बेटे सांसद चिराग पासवान ने प्रचार की कमान संभाल रखी है। रालोसपा की ओर से उपेन्द्र कुशवाहा और हम के नेता पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी भी अपने उम्मीदवारों के समर्थन में चुनावी सभाएं कर रहे हैं। राजग के नेता कहीं-कहीं साझा सभा भी कर रहे हैं।
 
महागठबंधन की ओर से स्टार प्रचार की भूमिका नीतीश कुमार, लालू प्रसाद यादव और जद (यू) अध्यक्ष शरद यादव ही निभा रहे हैं। तीनों नेता अलग-अलग हेलीकॉप्टरों पर सवार होकर रोजाना 4 से 6 सभाओं को संबोधित कर रहे हैं। कांग्रेस की ओर सोनिया और राहुल अभी तक 2-2 रैलियां कर चुके हैं, जबकि गुलाम नबी आजाद और जयराम रमेश बिहार में ही डेरा डाले हुए हैं।
 
हेलीकॉप्टर के इस्तेमाल से सिर्फ वामपंथी दलों के नेता ही अछूते हैं। माकपा महासचिव सीताराम येचुरी, भाकपा माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य और भाकपा सचिव अतुल कुमार अंजान अपने उम्मीदवारों के चुनाव प्रचार के लिए उनके चुनाव क्षेत्रों में सड़क और रेलमार्ग के जरिए ही पहुंच रहे हैं। 
 
जद (यू) नेता आफाक अहमद ने माना कि हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल बहुत ज्यादा खर्चीला है लेकिन इसके जरिए बड़े नेता कम समय में ज्यादा से ज्यादा सभाओं को संबोधित कर लेते हैं और ग्रामीण इलाकों में तो हेलीकॉप्टर भीड़ खींचने का काम भी करते हैं। इस तरह राजनीतिक दलों को दोहरा फायदा हो जाता है। 

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